ज्योतिष विज्ञान के आकाशमंडल में साल 2026 की शुरुआत एक अत्यंत दुर्लभ और कल्याणकारी संयोग के साथ होने जा रही है जहाँ मकर संक्रांति के पावन पर्व पर ग्रहों के राजा सूर्य साहस के प्रतीक मंगल और मन के कारक चंद्रमा की त्रिकोणीय युति एक शक्तिशाली महालक्ष्मी राजयोग का सूत्रपात करने जा रही है। हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष में मकर संक्रांति का स्थान अत्यंत विशिष्ट माना गया है क्योंकि इसी दिन सूर्य देव धनु राशि का परित्याग कर अपने पुत्र शनि की राशि मकर में प्रवेश करते हैं जिससे खरमास की समाप्ति होती है और मांगलिक कार्यों के द्वार खुलते हैं। इस वर्ष का घटनाक्रम इसलिए अधिक महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि सूर्य के गोचर के ठीक बाद मंगल अपनी उच्च राशि मकर में प्रवेश कर सूर्य के साथ युति बनाएंगे और आगामी 18 जनवरी को जब चंद्रमा भी इसी राशि में कदम रखेंगे तो ब्रह्मांड में महालक्ष्मी राजयोग का पूर्ण निर्माण होगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह राजयोग मेष तुला वृश्चिक और मकर राशि के जातकों के लिए किसी वित्तीय लॉटरी से कम साबित नहीं होने वाला है क्योंकि ग्रहों का यह त्रिकोण धन वैभव और सफलता के नए द्वार खोलने के लिए पूरी तरह तैयार है। पत्रकारिता के आध्यात्मिक विश्लेषण के अनुसार यह खगोलीय घटना केवल ग्रहों का राशि परिवर्तन नहीं है बल्कि उन लोगों के लिए स्वर्णिम काल की शुरुआत है जो लंबे समय से आर्थिक तंगी या करियर में रुकावटों का सामना कर रहे थे।
इस राजयोग का सबसे सकारात्मक और तात्कालिक प्रभाव मेष राशि के जातकों पर दिखाई देगा जिनके लिए ग्रहों की यह जुगलबंदी अप्रत्याशित सौभाग्य और समृद्धि का संदेश लेकर आ रही है। मेष राशि वालों के लिए यह समय बिना किसी पूर्व अपेक्षा के धन प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करेगा जिससे उनकी अटकी हुई योजनाएं गति पकड़ेंगी और अचानक की गई व्यापारिक यात्राएं भविष्य में बड़े मुनाफे का आधार बनेंगी। इसी कड़ी में तुला राशि के जातकों के लिए भी यह महालक्ष्मी राजयोग किसी वरदान की तरह सिद्ध होने वाला है जहाँ अचानक धन लाभ के प्रबल योग उनकी आर्थिक स्थिति को नई मजबूती प्रदान करेंगे। तुला राशि वालों के घर-परिवार और कार्यस्थल पर एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा जिससे पुरानी चिंताएं समाप्त होंगी और मानसिक शांति का मार्ग प्रशस्त होगा। ज्योतिषियों का मानना है कि इस अवधि में तुला राशि के लोगों द्वारा किए गए निवेश उन्हें लंबी अवधि में बड़ा रिटर्न देने वाले साबित होंगे।
वहीं वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह ग्रहों का संगम उनके भाग्योदय का नया अध्याय लिखने जा रहा है जहाँ उन्हें न केवल आर्थिक लाभ मिलेगा बल्कि समाज और कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान की भी प्राप्ति होगी। नौकरीपेशा वृश्चिक राशि वालों के लिए पदोन्नति के योग बन रहे हैं और जो लोग लंबे समय से वाहन या अचल संपत्ति खरीदने का विचार कर रहे थे उनके लिए यह समय सबसे उपयुक्त साबित होगा। स्वयं मकर राशि के लिए जहाँ यह युति बन रही है वहां का प्रभाव तो जादुई होने वाला है क्योंकि आय के स्रोतों में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ-साथ उनके अनावश्यक खर्चों पर भी लगाम लगेगी। मकर राशि के जातक इस दौरान आर्थिक फैसलों में अधिक परिपक्व नजर आएंगे जिससे उनकी भविष्य की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित होगी। कुल मिलाकर 2026 की यह मकर संक्रांति आध्यात्मिक और भौतिक दोनों ही दृष्टियों से इन चार राशियों के जीवन में खुशियों का अंबार लगाने वाली है और ग्रहों की यह विशेष स्थिति आने वाले पूरे वर्ष के लिए एक मजबूत आर्थिक आधार तैयार कर देगी। इस महालक्ष्मी राजयोग की अवधि में दान-पुण्य और सूर्य उपासना का विशेष महत्व बताया गया है ताकि इन शुभ प्रभावों को और अधिक बल मिल सके।

































