मुंबई. भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार के कारोबारी सत्र में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है. सुबह 11:45 पर सेंसेक्स 668 अंक या 0.68 प्रतिशत की तेजी के साथ 78,224 और निफ्टी 198 अंक या 0.85 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,225 पर था. ओवरऑल बात करें तो NSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4.29 लाख करोड़ बढ़ गया है यानी निवेशकों की दौलत मार्केट खुलते ही 4.29 लाख करोड़ बढ़ गई है.
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी देखी जा रही है. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 721 अंक या 1.28 प्रतिशत की तेजी के साथ 56,892 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 274 अंक या 1.70 प्रतिशत की तेजी के साथ 16,406 पर था. भारतीय शेयर बाजार में तेजी की वजह कच्चे तेल की कीमत में गिरावट को माना जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद, ब्रेंट क्रूड 6 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 92 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गया है, जो कि सोमवार को 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था.
निवेशकों की दौलत में 4.29 लाख करोड़ का उछाल
एक कारोबारी दिन पहले यानी 9 मार्च 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप 4,41,10,262.45 करोड़ था. आज यानी 10 मार्च 2026 को मार्केट खुलते ही यह 4,45,40,192.35 करोड़ पर पहुंच गया. इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी 4,29,929.9 करोड़ बढ़ गई है.
अमेरिकी मीडिया को ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा था कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त होने के करीब है. इससे कच्चे तेल में नरमी देखने को मिली. बाजार में तेजी की एक वजह डॉलर के मुकाबले रुपए का मजबूत होना है. मंगलवार को बाजार खुलने के साथ ही अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया मजबूत बना हुआ है. अब तक के कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया का उच्चतम स्तर 91.72 और न्यूनतम स्तर 92.33 रहा है.
बाजार में उतार-चढ़ाव दर्शाने वाले इंडेक्स इंडिया विक्स में भी गिरावट को स्टॉक मार्केट में तेजी की वजह माना जा रहा है. खबर लिखे जाने तक इंडिया विक्स 15.37 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19.77 पर था. वैश्विक बाजारों में तेजी ने भी भारतीय बाजारों में निवेशकों के सेंटीमेंट को बूस्ट किया है. सोल, हांगकांग, शंघाई, टोक्यो, बैंकॉक और जकार्ता करीब सभी एशियाई बाजार हरे निशान में खुले थे. वहीं, अमेरिकी बाजार भी सोमवार को हरे निशान में बंद हुए थे.































