हिटलर ट्रंप और नेतन्याहू की कुंडलियों में चंद्र-केतु योग की चर्चा ज्योतिषीय विश्लेषण में उठे सवाल

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ज्योतिषीय विश्लेषणों में समय-समय पर विश्व के प्रभावशाली नेताओं की कुंडलियों को लेकर चर्चा होती रही है। कुछ ज्योतिषियों का मानना है कि जर्मनी के तानाशाह  एडॉल्फ हिटलर   , अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति  डोनाल्ड ट्रंप    और इजरायल के प्रधानमंत्री  बेंजामिन नेतन्याहू  की कुंडलियों में एक समान ग्रह योग की चर्चा की जाती है।

ज्योतिष के अनुसार इन तीनों नेताओं की जन्मकुंडली में चंद्र-केतु योग का प्रभाव बताया जाता है। पारंपरिक ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यह योग व्यक्ति के स्वभाव में तीव्रता, जिद, रणनीतिक सोच और कठोर निर्णय लेने की प्रवृत्ति को बढ़ा सकता है। कई ज्योतिषी इसे असाधारण निर्णय क्षमता और सत्ता में प्रभावशाली भूमिका निभाने से भी जोड़कर देखते हैं।

ज्योतिषीय व्याख्याओं में कहा जाता है कि एडॉल्फ हिटलर की कुंडली में धनु राशि में चंद्र-केतु का योग माना जाता है। उनके शासनकाल में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान The Holocaust जैसी त्रासदी हुई, जिसमें लाखों लोगों की जान गई।

इसी प्रकार कुछ ज्योतिषीय आकलनों में डोनाल्ड ट्रंप की कुंडली में वृश्चिक राशि में चंद्र-केतु का योग बताया जाता है। उनके पहले कार्यकाल के दौरान विश्व ने COVID-19 महामारी का गंभीर दौर देखा, जिसने अमेरिका सहित पूरी दुनिया को गहरे संकट में डाल दिया।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के संदर्भ में भी कुछ ज्योतिषीय विश्लेषणों में कहा जाता है कि उनकी कुंडली में कन्या राशि में चंद्र-केतु का योग मौजूद है। उनके शासनकाल में मध्य पूर्व क्षेत्र लगातार तनाव, संघर्ष और युद्ध की परिस्थितियों से गुजरता रहा है।

ज्योतिषीय दृष्टिकोण के अनुसार चंद्र-केतु का योग व्यक्ति को कट्टर, रणनीतिक और कभी-कभी कठोर निर्णय लेने वाला बना सकता है। माना जाता है कि जब ऐसे योग वाले व्यक्ति सत्ता के शीर्ष पदों पर पहुंचते हैं तो उनके निर्णयों का असर केवल उनके देश तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वैश्विक राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी पड़ सकता है।

हालांकि वैज्ञानिक और राजनीतिक विश्लेषक इस तरह की ज्योतिषीय व्याख्याओं को प्रमाणित तथ्य नहीं मानते और उनका कहना है कि वैश्विक घटनाएं अनेक सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक कारणों से प्रभावित होती हैं। फिर भी ज्योतिष में आस्था रखने वाले लोग ग्रह-नक्षत्रों के प्रभाव को मानते हुए इसे मानव स्वभाव और निर्णयों से जोड़कर देखते हैं।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ऐसे समय में विश्व शांति और संतुलन के लिए आध्यात्मिक साधना, गणेश उपासना और महामृत्युंजय मंत्र का जप कल्याणकारी माना जाता है। कुछ ज्योतिषियों का यह भी मत है कि समाज को नेतृत्व चुनते समय व्यक्ति के स्वभाव, विचारधारा और आचरण के साथ-साथ उसके ज्योतिषीय योगों पर भी विचार करना चाहिए।

*पंडित चंद्रशेखर नेमा हिमांशु*(9893280184)

मां कामाख्या साधक जन्म कुंडली विशेषज्ञ वास्तु शास्त्री

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