अशुभ नहीं है नीला और काला रंग, वास्तु में माना जाता है अवसर और संतुलन का बेजोड़ मेल, जानें कैसे बदलता है आपकी किस्मत!

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हम सभी अपने घर और ऑफिस में सुख, समृद्धि और अच्छे अवसर चाहते हैं. वास्तु शास्त्र में रंगों और दिशाओं का महत्व बहुत ज्यादा माना जाता है. खासतौर पर काला और नीला रंग, जो अकसर लोगों की समझ में “सिर्फ अंधेरा और भारीपन” लाते हैं, वास्तु के अनुसार इनके पीछे भी खास कारण होते हैं. अकसर लोग सोचते हैं कि ब्लैक रंग नकारात्मक होता है, लेकिन वास्तु शास्त्र में इसका अर्थ अलग है. नीला रंग पैसा और अवसर लेकर आता है, जबकि काला रंग ध्यान और संतुलन की ऊर्जा देता है. इसके अलावा, मिरर यानी शीशा या ग्लास भी घर में ऊर्जा के बहाव को बदलता है. सही दिशा में मिरर रखने से धन की स्थिति मजबूत होती है, और गलत दिशा में रखने से संपत्ति के नुकसान की संभावना रहती है. इस आर्टिकल में हम विस्तार से जानेंगे भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से कि ब्लैक और ब्लू रंग का वास्तु में क्या महत्व है और मिरर को कहां और कैसे रखना चाहिए.

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ब्लैक और नीला रंग: वास्तु में उनकी भूमिका
1. नीला रंग – पैसा और अवसर
नीला रंग वास्तु शास्त्र में धन और अवसर का प्रतीक माना जाता है. जब आपके घर या ऑफिस में नीला रंग सही जगह पर हो, तो यह आपके कैश फ्लो को बेहतर बनाता है. उदाहरण के लिए, अगर आपको जॉब या बिज़नेस में नए मौके मिल रहे हैं, तो नीले रंग की ऊर्जा इन्हें स्थिर और बढ़ाने में मदद करती है.

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2. काला रंग – संतुलन और नियंत्रण
काला रंग अक्सर नकारात्मक माना जाता है, लेकिन वास्तु में यह ध्यान, स्थिरता और संतुलन का रंग है. यह ऊर्जा को नियंत्रित करता है और घर या ऑफिस की नकारात्मक ऊर्जा को सोखता है. इसलिए इसे पूरी तरह से नकारना सही नहीं होता.

3. ब्लैक और ब्लू की समानता
वास्तु शास्त्र में कहा जाता है कि ब्लैक और ब्लू के बीच संबंध है. दोनों ही रंग आपकी संपत्ति और पैसे के प्रवाह को प्रभावित करते हैं. नीला रंग सीधे अवसर और पैसा लाता है, जबकि काला रंग ऊर्जा को संतुलित करता है.

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मिरर या शीशे का महत्व
1. ऊर्जा का प्रतिबिंब
मिरर घर की ऊर्जा को बढ़ाने या घटाने का काम करता है. सही दिशा में रखे मिरर से धन की स्थिति मजबूत होती है और घर की समृद्धि बनी रहती है.
2. नॉर्थ में मिरर रखना शुभ
वास्तु शास्त्र में कहा जाता है कि मिरर को नॉर्थ दिशा में रखना चाहिए. इससे धन और अवसर की वृद्धि होती है.

3. साउथ में मिरर नहीं रखना चाहिए
मिरर को साउथ दिशा में रखने से संपत्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. इसलिए हमेशा मिरर की दिशा पर ध्यान देना जरूरी है.

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