अहमदाबाद. गुजरात की सांस्कृतिक राजधानी अहमदाबाद आज एक ऐतिहासिक पल की साक्षी बनी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने साबरमती रिवरफ्रंट पर 'अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026' का शानदार उद्घाटन किया. उत्तरायण के पावन पर्व के उल्लास के बीच आयोजित इस महोत्सव में जर्मन चांसलर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उद्घाटन समारोह की सबसे खास बात वह रही जब दोनों वैश्विक नेताओं ने एक साथ पतंग उड़ाकर भारत और जर्मनी के बीच मजबूत होते राजनयिक और सांस्कृतिक रिश्तों का संदेश पूरी दुनिया को दिया. साबरमती के तट पर उमड़े जनसैलाब और रंग-बिरंगी पतंगों से सजे आसमान ने इस अवसर को बेहद खास बना दिया.
प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज़ के अहमदाबाद पहुंचने पर उनका स्वागत पारंपरिक संगीत और नृत्य प्रदर्शनों के साथ बेहद भव्य तरीके से किया गया. गुजरात की समृद्ध संस्कृति की झलक दिखाते हुए कलाकारों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर शानदार प्रस्तुति दी, जिससे विदेशी मेहमान भावविभोर हो उठे. महोत्सव के दौरान दोनों नेताओं ने वहां लगाई गई एक विशेष प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया, जो अहमदाबाद की अद्वितीय वास्तुकला विरासत और यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी के रूप में इसके गौरवशाली इतिहास को दर्शाती है. प्रदर्शनी के माध्यम से चांसलर मर्ज़ को शहर के ऐतिहासिक महत्व और आधुनिक विकास के संगम से परिचित कराया गया.
प्रधानमंत्री और जर्मन चांसलर ने महोत्सव परिसर में पतंग बनाने की कला के प्रदर्शन (Kite-making demonstrations) को भी बड़े ध्यान से देखा. स्थानीय कारीगरों ने पारंपरिक तरीके से पतंग और मांझा बनाने की बारीकियों को साझा किया. चांसलर मर्ज़ ने पतंगबाजी की इस भारतीय परंपरा में गहरी रुचि दिखाई और कारीगरों के कौशल की प्रशंसा की. इसके बाद साबरमती रिवरफ्रंट के खुले आसमान में जब दोनों नेताओं ने पतंग की डोर थामी, तो वहां मौजूद हजारों लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया. यह दृश्य केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भारत की 'सॉफ्ट पावर' और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गुजरात की बढ़ती पहचान का प्रतीक बन गया.
यह महोत्सव 2026 में भारत और जर्मनी के बीच बढ़ते रणनीतिक सहयोग के बीच एक नई ऊर्जा लेकर आया है. रक्षा और सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा के बाद प्रधानमंत्री का चांसलर मर्ज़ को अपने गृह राज्य के सांस्कृतिक उत्सव का हिस्सा बनाना, दोनों देशों के बीच व्यक्तिगत और सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है. अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में इस बार दुनिया भर के कई देशों के पतंगबाज हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन जर्मन चांसलर की उपस्थिति ने इसे वैश्विक सुर्खियों में ला दिया है. साबरमती रिवरफ्रंट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरा इलाका तिरंगे और जर्मनी के झंडों के रंगों से सराबोर नजर आया.
अहमदाबाद के स्थानीय निवासियों के लिए यह एक गौरवशाली दिन रहा, जहाँ उन्होंने अपने लोकप्रिय नेता के साथ एक शक्तिशाली वैश्विक शक्ति के प्रमुख को अपनी परंपराओं का आनंद लेते देखा. चांसलर मर्ज़ की यह पहली भारत यात्रा रक्षा, व्यापार और अब संस्कृति के मोर्चे पर बेहद सफल मानी जा रही है. साबरमती रिवरफ्रंट से शुरू हुई यह 'पतंग कूटनीति' आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का काम करेगी. महोत्सव का समापन रंगारंग आतिशबाजी और लेजर शो के साथ हुआ, जिसने अहमदाबाद की रात को और भी हसीन बना दिया.






























