पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर गंभीर चिंता सामने आई है। उनके बेटे कासिम खान ने दावा किया है कि जेल में लंबे समय तक एकांत कारावास और उचित इलाज नहीं मिलने के कारण इमरान खान की दाईं आंख की रोशनी काफी हद तक चली गई है और अब केवल 15 प्रतिशत दृष्टि ही बची है। इस खुलासे के बाद पाकिस्तान की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और मानवाधिकार संगठनों से भी हस्तक्षेप की मांग उठने लगी है।
कासिम खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि उनके पिता पिछले 922 दिनों से जेल में एकांत कारावास में रह रहे हैं और उन्हें जरूरी चिकित्सा सुविधाएं नहीं दी गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि खून की जांच जैसे आवश्यक मेडिकल टेस्ट भी नहीं कराए गए और सही समय पर उपचार न मिलने के कारण उनकी आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। कासिम ने पाकिस्तान की सत्ता और सेना नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके पिता की बिगड़ती हालत के लिए वर्तमान शासन जिम्मेदार है।
इमरान खान सितंबर 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। उन्हें अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद सजा सुनाई गई थी। जेल में रहते हुए उनकी सेहत को लेकर पहले भी कई बार चिंता जताई जा चुकी है, लेकिन अब उनकी आंखों की रोशनी को लेकर सामने आई जानकारी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। कासिम खान ने यह भी कहा कि उन्हें और उनके भाई को अपने पिता से मिलने के लिए वीजा तक नहीं दिया जा रहा है, जबकि उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के वकील सलमान सफदर ने हाल ही में जेल में इमरान खान से मुलाकात की थी और सुप्रीम कोर्ट में एक विस्तृत रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। रिपोर्ट में बताया गया कि इमरान खान ने स्वयं कहा है कि इलाज और इंजेक्शन दिए जाने के बावजूद उनकी दाईं आंख की रोशनी केवल 15 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने यह भी बताया कि अक्टूबर 2025 तक उनकी दोनों आंखों की रोशनी सामान्य थी, लेकिन इसके बाद उन्हें धुंधला और धुंध-सा दिखाई देने लगा। उन्होंने जेल प्रशासन को कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन समय पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
रिपोर्ट के अनुसार इमरान खान को बाद में खून का थक्का बनने की समस्या का पता चला, जिससे उनकी आंख को गंभीर नुकसान पहुंचा। सलमान सफदर ने यह भी कहा कि मुलाकात के दौरान इमरान खान मानसिक रूप से परेशान और तनावग्रस्त दिखाई दे रहे थे। उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अपनी बिगड़ती हालत और इलाज में देरी को लेकर काफी चिंतित हैं।
इस पूरे मामले पर पाकिस्तान सरकार की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। सूचना मंत्री अता उल्लाह तरार ने कहा कि इमरान खान की मेडिकल रिपोर्ट उनके परिवार के साथ साझा कर दी गई है और उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि इमरान खान का आंखों से जुड़ा इलाज अस्पताल में कराया गया था और वर्तमान में उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। हालांकि विपक्ष और पीटीआई नेताओं ने सरकार के दावों पर सवाल उठाए हैं और पारदर्शिता की मांग की है।
पीटीआई ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए इमरान खान की मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक करने और उनके निजी डॉक्टरों तथा परिवार को उनसे मिलने की अनुमति देने की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि इमरान खान की सेहत एक संवेदनशील मुद्दा बन चुकी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही मानवाधिकारों का उल्लंघन माना जाएगा।
इमरान खान पाकिस्तान की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी के बाद से ही देश में राजनीतिक तनाव बना हुआ है। उनकी सेहत से जुड़ी खबरें सामने आने के बाद उनके समर्थकों में चिंता बढ़ गई है। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि उनकी हालत और बिगड़ती है तो इसका असर पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल सरकार और पीटीआई के बीच इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां एक तरफ परिवार और पार्टी गंभीर लापरवाही का आरोप लगा रही है, वहीं सरकार का कहना है कि उन्हें सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आने वाले दिनों में अदालत और मानवाधिकार संस्थाओं की भूमिका इस मामले में महत्वपूर्ण हो सकती है। पूरे मामले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रखी जा रही है और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इमरान खान की सेहत और कानूनी स्थिति को लेकर आगे क्या निर्णय सामने आता है।






























