न्यूयॉर्क .कृत्रिम बुद्धिमत्ता को लेकर वैश्विक बहस के बीच माइक्रोसॉफ्ट एआई के सीईओ मुस्तफा सुलेमान ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि आने वाले 12 से 18 महीनों में व्हाइट कॉलर नौकरियों में होने वाले अधिकांश कार्य पूरी तरह एआई द्वारा स्वचालित कर दिए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि वकील, अकाउंटेंट, प्रोजेक्ट मैनेजर और कंप्यूटर पर आधारित अन्य पेशेवर भूमिकाएं तेजी से एआई सिस्टम के दायरे में आ रही हैं।
फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में सुलेमान ने कहा कि जो नौकरियां मुख्य रूप से कंप्यूटर पर बैठकर की जाती हैं, उनमें एआई मॉडल न केवल सहायता कर रहे हैं बल्कि कई मामलों में मनुष्यों से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का उदाहरण देते हुए कहा कि आज पेशेवर अपने कोड उत्पादन के बड़े हिस्से के लिए एआई टूल्स का उपयोग कर रहे हैं।
सुलेमान के अनुसार, पिछले छह महीनों में ही इंजीनियरों की भूमिका में बड़ा बदलाव देखा गया है। जहां पहले वे कोड लिखने में अधिक समय लगाते थे, अब वे रणनीतिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जैसे सिस्टम आर्किटेक्चर डिजाइन करना और उत्पाद को प्रोडक्शन में डालना। उन्होंने कहा कि एआई ने नियमित और दोहराव वाले कार्यों को अपने हाथ में ले लिया है, जिससे मानव विशेषज्ञों की भूमिका अधिक रणनीतिक और निर्णयात्मक हो गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में ऐसे एआई मॉडल उपलब्ध हैं जो अधिकांश मानव कोडरों से बेहतर कोड लिख सकते हैं, “संभवतः अब तक के सभी से भी बेहतर।” उनका यह बयान तकनीकी जगत में व्यापक चर्चा का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दावा सॉफ्टवेयर उद्योग में तेजी से बढ़ते ऑटोमेशन की ओर संकेत करता है।
सुलेमान ने भविष्यवाणी की कि आने वाले दो से तीन वर्षों में एआई एजेंट बड़े संस्थानों के संपूर्ण वर्कफ्लो को संभालने में सक्षम होंगे। यानी वे केवल कोडिंग या विश्लेषण तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि परियोजना प्रबंधन, डेटा संगठन, रिपोर्टिंग और निर्णय समर्थन जैसे जटिल कार्यों को भी स्वतः संचालित कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि भविष्य में नया एआई मॉडल बनाना उतना ही आसान हो जाएगा जितना पॉडकास्ट बनाना या ब्लॉग लिखना। संस्थान अपनी आवश्यकताओं के अनुसार कस्टम एआई मॉडल तैयार कर सकेंगे। इससे एआई तकनीक का लोकतंत्रीकरण होगा और छोटे संगठनों को भी उन्नत स्वचालन तक पहुंच मिलेगी।
माइक्रोसॉफ्ट की रणनीति पर बात करते हुए सुलेमान ने कहा कि उनका मिशन “सुपरइंटेलिजेंस” का निर्माण करना है। कुछ महीनों पहले कंपनी ने ओपनएआई के साथ अपने दीर्घकालिक संबंधों पर पुनः समझौता किया और बौद्धिक संपदा लाइसेंस को 2032 तक बढ़ाया। उन्होंने कहा कि यह वह क्षण था जब माइक्रोसॉफ्ट ने वास्तविक एआई आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक कदम उठाने का फैसला किया।
कंपनी अब अपने स्वयं के फाउंडेशन मॉडल विकसित करने पर भी ध्यान दे रही है। सुलेमान के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट मजबूत प्रशिक्षण टीम तैयार कर रही है, जो विशाल डेटा को व्यवस्थित और वर्गीकृत कर उन्नत एआई सिस्टम विकसित करेगी। यह कदम तकनीकी प्रतिस्पर्धा के दौर में कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
एआई के बढ़ते प्रभाव को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंताएं भी सामने आ रही हैं। हाल ही में कई बड़ी तकनीकी कंपनियों ने एआई निवेश और पुनर्गठन के चलते बड़े पैमाने पर छंटनी की है। अमेजन ने प्रतिस्पर्धा और एआई रणनीति के तहत हजारों कॉरपोरेट पदों पर कटौती की घोषणा की थी। इससे यह आशंका और गहराई है कि स्वचालन के चलते पारंपरिक व्हाइट कॉलर नौकरियों पर दबाव बढ़ सकता है।
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि एआई से नौकरियां पूरी तरह समाप्त होने के बजाय उनकी प्रकृति बदल सकती है। जहां एक ओर दोहराव वाले कार्य एआई संभालेगा, वहीं दूसरी ओर मानवों की भूमिका निगरानी, रणनीति, रचनात्मकता और नैतिक निर्णय लेने में अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है।
सुलेमान के बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एआई केवल एक सहायक उपकरण नहीं रह गया है, बल्कि कार्यस्थल की संरचना को मूल रूप से बदलने की दिशा में अग्रसर है। अगले एक वर्ष में ही यदि अधिकांश व्हाइट कॉलर कार्य स्वचालित हो जाते हैं, तो कंपनियों, कर्मचारियों और सरकारों को कौशल उन्नयन और नीतिगत बदलावों के लिए तेजी से तैयारी करनी होगी।
तकनीकी दुनिया में यह बहस तेज हो गई है कि जब एआई अत्यधिक सक्षम हो जाएगा तो मानवों की भूमिका क्या होगी। फिलहाल माइक्रोसॉफ्ट और अन्य तकनीकी कंपनियां एआई को भविष्य की आधारभूत तकनीक के रूप में विकसित करने में जुटी हैं, और आने वाले महीनों में इसके प्रभाव के ठोस संकेत देखने को मिल सकते हैं।






























