एसएसबी जवानों ने सड़क दुर्घटना में बचाई जान:सीतापुर प्रशिक्षण पर जाते समय घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया

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एसएसबी जवानों ने सड़क दुर्घटना में बचाई जान:सीतापुर प्रशिक्षण पर जाते समय घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया
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श्रावस्ती में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 62वीं वाहिनी के जवानों ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सड़क दुर्घटना में घायल दो व्यक्तियों की जान बचाई। जवानों ने समय रहते घायलों को चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई, जिसके लिए उनकी सराहना की जा रही है। यह घटना 15 फरवरी 2026 को घाघरा नदी पर स्थित चिलरिया पुल के ऊपर हुई। एक मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें सवार दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दुर्घटना के बाद दोनों घायल सड़क पर असहाय अवस्था में पड़े थे। इसी दौरान, 62वीं वाहिनी, एसएसबी के कमांडेंट अमरेन्द्र कुमार वरुण, उप कमांडेंट गोवर्धन पुजारी और अन्य कर्मी प्रशिक्षण कार्यक्रम के सिलसिले में भिनगा से सीतापुर की ओर जा रहे थे। घटनास्थल पर घायलों को देखकर कमांडेंट वरुण के नेतृत्व में एसएसबी जवानों ने तत्काल अपना वाहन रोका और स्थिति का जायजा लिया। बिना समय गंवाए, जवानों ने मानवीय कर्तव्य निभाते हुए राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने प्राथमिक स्तर पर घायलों को आवश्यक सहायता प्रदान की और उन्हें तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रौसा, जनपद सीतापुर में भर्ती कराया। साथ ही, घटना की सूचना स्थानीय पुलिस प्रशासन को भी दी गई ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। चिकित्सकों के अनुसार, दोनों घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है और उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों ने समय पर मिली सहायता के लिए एसएसबी जवानों की तत्परता की सराहना की है। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि यदि समय पर सहायता नहीं मिलती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। एसएसबी जवानों द्वारा दिखाई गई सजगता, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता ने एक बार फिर यह साबित किया है कि बल न केवल देश की सीमाओं की सुरक्षा में तत्पर रहता है, बल्कि आम नागरिकों की सहायता के लिए भी हमेशा आगे रहता है। 62वीं वाहिनी के इस सराहनीय कार्य ने क्षेत्र में सुरक्षा बलों के प्रति आमजन का विश्वास और मजबूत किया है।
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