श्रावस्ती के गिलौला क्षेत्र में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान शंकर की बारात निकाली गई। रामपुर पैडा गांव स्थित बाबा झारखंडी नाथ मंदिर से शुरू होकर यह बारात ग्राम पंचायत पिपरा तक पहुंची, जहाँ शिव-पार्वती विवाह संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। बारात में भगवान शंकर दूल्हा के रूप में सुसज्जित रथ पर विराजमान थे। उनके साथ ब्रह्मा, विष्णु, गण-भूत-प्रेत की प्रतीकात्मक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। डीजे और ढोल-नगाड़ों की धुन पर शिवभक्तों की टोलियां “हर-हर महादेव” के जयघोष लगाते हुए रामपुर पैडा से पिपरा गांव तक पहुंचीं। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर बारात का स्वागत किया। पिपरा गांव पहुंचने पर हिंदू वैदिक परंपरा के अनुसार भगवान शंकर की द्वार-पूजा की गई। इसके बाद विधि-विधान से शिव-पार्वती विवाह संस्कार संपन्न कराया गया। विवाह अनुष्ठान के दौरान मंत्रोच्चार, आरती और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस कार्यक्रम में क्षेत्र सहित दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रतिवर्ष शिव-बारात और विवाहोत्सव का आयोजन किया जाता है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखना और समाज में एकता-सौहार्द का संदेश देना है। आयोजन के समापन पर प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने भाग लिया। महाशिवरात्रि पर निकली इस शिव-बारात ने गिलौला और पिपरा क्षेत्र को देर रात तक भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया।
महाशिवरात्रि पर गिलौला में निकली शिव बारात:पिपरा में शिव-पार्वती विवाह, सैकड़ों श्रद्धालु शामिल
श्रावस्ती के गिलौला क्षेत्र में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान शंकर की बारात निकाली गई। रामपुर पैडा गांव स्थित बाबा झारखंडी नाथ मंदिर से शुरू होकर यह बारात ग्राम पंचायत पिपरा तक पहुंची, जहाँ शिव-पार्वती विवाह संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। बारात में भगवान शंकर दूल्हा के रूप में सुसज्जित रथ पर विराजमान थे। उनके साथ ब्रह्मा, विष्णु, गण-भूत-प्रेत की प्रतीकात्मक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। डीजे और ढोल-नगाड़ों की धुन पर शिवभक्तों की टोलियां “हर-हर महादेव” के जयघोष लगाते हुए रामपुर पैडा से पिपरा गांव तक पहुंचीं। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर बारात का स्वागत किया। पिपरा गांव पहुंचने पर हिंदू वैदिक परंपरा के अनुसार भगवान शंकर की द्वार-पूजा की गई। इसके बाद विधि-विधान से शिव-पार्वती विवाह संस्कार संपन्न कराया गया। विवाह अनुष्ठान के दौरान मंत्रोच्चार, आरती और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस कार्यक्रम में क्षेत्र सहित दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रतिवर्ष शिव-बारात और विवाहोत्सव का आयोजन किया जाता है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखना और समाज में एकता-सौहार्द का संदेश देना है। आयोजन के समापन पर प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने भाग लिया। महाशिवरात्रि पर निकली इस शिव-बारात ने गिलौला और पिपरा क्षेत्र को देर रात तक भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया।






























