महाशिवरात्रि के अवसर पर रविवार को गिलौला क्षेत्र के सभी शिवालयों में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सुबह से ही भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘ओम नमः शिवाय’ के जयघोष से गूंज उठे। गिलौला क्षेत्र के प्राचीन श्री बाबा झारखंडी नाथ मंदिर में विशेष भीड़ देखी गई। श्रावस्ती विधायक रामफेरन पांडे अपने सुपुत्र आशुतोष के साथ यहां पहुंचे। उन्होंने विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्त घंटों इंतजार कर अपनी बारी आने पर पूजा-अर्चना करते रहे। पूरे दिन शिवालयों में जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और अक्षत आदि से अभिषेक का क्रम चलता रहा। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इस कारण श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान शंकर और माता पार्वती की पूजा करते हैं। वे दांपत्य सुख, समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं। बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी व्रत रखकर शिव-पार्वती की आराधना की। महाशिवरात्रि के अवसर पर गिलौला क्षेत्र के मंदिरों में सुरक्षा और व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। आस्था, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया यह पर्व देर रात तक भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना के साथ जारी रहा। शिवभक्तों ने क्षेत्र और देश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
गिलौला के शिवालयों में महाशिवरात्रि पर उमड़ी भक्तों की भीड़:विधायक रामफेरन पांडे ने किया जलाभिषेक, क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना
महाशिवरात्रि के अवसर पर रविवार को गिलौला क्षेत्र के सभी शिवालयों में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सुबह से ही भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘ओम नमः शिवाय’ के जयघोष से गूंज उठे। गिलौला क्षेत्र के प्राचीन श्री बाबा झारखंडी नाथ मंदिर में विशेष भीड़ देखी गई। श्रावस्ती विधायक रामफेरन पांडे अपने सुपुत्र आशुतोष के साथ यहां पहुंचे। उन्होंने विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्त घंटों इंतजार कर अपनी बारी आने पर पूजा-अर्चना करते रहे। पूरे दिन शिवालयों में जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और अक्षत आदि से अभिषेक का क्रम चलता रहा। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इस कारण श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान शंकर और माता पार्वती की पूजा करते हैं। वे दांपत्य सुख, समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं। बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी व्रत रखकर शिव-पार्वती की आराधना की। महाशिवरात्रि के अवसर पर गिलौला क्षेत्र के मंदिरों में सुरक्षा और व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। आस्था, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया यह पर्व देर रात तक भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना के साथ जारी रहा। शिवभक्तों ने क्षेत्र और देश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।






























