पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों को तृणमूल कांग्रेस का संरक्षण: प्रेम शुक्ल

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नवीन कुमार
मुंबई. जिस तरह बंगाल तृणमूल कांग्रेस पार्टी की ममता बनर्जी की सरकार घुसपैठियों को मतदाता सूची में बरकरार रखने के लिए बूथ लेवल अधिकारियों पर दबाव बना रही है उससे यह साबित हो रहा है कि ममता बनर्जी बंगाल को बांग्लादेश बना कर ही दम लेंगी. यह आरोप भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ल ने मुंबई भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में लगाया. शुक्ल ने कहा कि बंगाल के जादवपुर विधानसभा क्षेत्र में बूथ क्रमांक 110 के बूथ लेवल ऑफिसर अशोक दास को टीएमसी नेता अनन्या बनर्जी और राजू बिस्वास ने मतदाता सूची से घुसपैठियों के नाम न काटने के लिए धमकाया. न केवल अशोक दास को जान से मारने की धमकी दी बल्कि उनके परिजनों को भी देख लेने की धमकी दी. आए दिन की धमकियों और उत्पीड़न से तंग आकर अशोक दास ने आत्महत्या कर ली.

शुक्ल ने कहा कि अब टी-तुष्टिकरण की राजनीति, एम-माफिया और गुंडाराज, सी-क्राइम नेटवर्क बन कर रह गया है. उन्होंने कहा कि यदि ममता बनर्जी संविधान का जरा भी सम्मान करती तो टीएमसी के आपराधिक वृत्ति वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करती और अशोक दास को न्याय दिलाती. पर वह तो खुद बंगाल को बांग्लादेश बनाने पर आमादा हैं. उन्हीं के इशारे पर उत्तरी दिनाजपुर के चाकुलिया इलाके में चुनाव कार्यालय की मशीनों को टीएमसी के गुंडों ने तोड़फोड़ कर कार्यालय को आग के हवाले कर दिया. 

शुक्ल ने आरोप लगाया कि घुसपैठियों की मदद के लिए ही ममता बनर्जी की सरकार केंद्र सरकार द्वारा सीमा पर फेंसिंग के लिए बारंबार मांग के बावजूद 72 क्लस्टर सीमा सुरक्षा बल के हवाले नहीं कर रही हैं. यहां से घुसपैठ होती है और टीएमसी के नेता मोटे पैसे लेकर दस्तावेज बनवाते  हैं. 

शुक्ल ने पंजाब की भगवंत सिंह मान सरकार द्वारा बठिंडा में ‘पंजाब केसरी ‘ अखबार के कार्यालय पर की गई अवैध छापे की भर्त्सना की. उन्होंने कहा कि केजरीवाल के प्रश्रय में भगवंत मान सरकार आपातकाल जैसी हरकतें कर रही है. 

इसी वार्ता में शुक्ल ने मध्य प्रदेश के भांडेर विधानसभा के कांग्रेसी विधायक फूल सिंह बरैया द्वारा सुंदर महिलाओं को देख कर बलात्कार की इच्छा जागने वाले बयान को बेहद शर्मनाक और कांग्रेस की नारी विरोधी सोच का प्रमाण बताया. बरैया ने एक बयान में कहा कि अनुसूचित जाति की महिलाओं से जब कोई सहवास करता है तो उसे काशी तीर्थ का फल मिलता है. शुक्ल ने पूछा कि सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा ऐसे विकृत विक्षिप्त व्यक्ति को अपनी पार्टी में कैसे बर्दाश्त करती हैं?

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