श्रावस्ती में किसान नेमराज की लूट के दौरान हत्या:परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, बड़ा बेटा पहले ही था लापता, पत्नी की भी हो चुकी थी मौत

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श्रावस्ती में किसान नेमराज की लूट के दौरान हत्या:परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, बड़ा बेटा पहले ही था लापता, पत्नी की भी हो चुकी थी मौत
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श्रावस्ती हरदत्त नगर गिरंट थाना क्षेत्र के भजोरेपुरवा में रविवार देर रात लूट के दौरान एक किसान की हत्या कर दी गई। चार अज्ञात बदमाशों ने घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया और 2 हजार नकदी व जेवर लूटकर फरार हो गए।घटना से गांव में दहशत फैल गई है। भजोरेपुरवा निवासी 50 वर्षीय नेमराज पाठक रविवार रात घर के बरामदे में सो रहे थे। उनका 25 वर्षीय पुत्र सुनील पाठक और 23 वर्षीय बहू लक्ष्मी पाठक अंदर कमरे में थे। रात करीब दो बजे चार बदमाश घर में दाखिल हुए। आहट पर नेमराज की आंख खुल गई। जब उन्होंने विरोध किया, तो बदमाशों ने उनका मुंह और गला दबा दिया। इसके बाद धारदार हथियार से वार कर उनकी हत्या कर दी गई।आवाज सुनकर सुनील ने कमरे का दरवाजा खोला। बाहर खड़े बदमाशों ने उसके सिर पर कपड़ा डालकर उसे दबोच लिया और बांध दिया। बहू लक्ष्मी के अनुसार, पति को बदमाशों के कब्जे में देख वह डर गई और कमरे में बेड के नीचे छिप गई। बदमाशों के जाने के बाद लक्ष्मी बाहर निकली तो सुनील बंधा मिला और नेमराज खून से लथपथ पड़े थे।शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सूचना मिलते ही पुलिस भी पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों के अनुसार, नेमराज का परिवार बीते कुछ वर्षों से लगातार विपत्तियों का सामना कर रहा था। करीब पांच वर्ष पूर्व उनका बड़ा बेटा सुशील पाठक अचानक लापता हो गया।बेटे के गुम होने का गहरा सदमा उनकी पत्नी आशा नहीं सह सकीं और कुछ समय बाद उनका निधन हो गया था। पत्नी की मौत के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी नेमराज पर आ गई थी। उन्होंने दो वर्ष पूर्व छोटे बेटे की शादी कर दी थी, ताकि घर की स्थिति संभल सके। लेकिन छोटा बेटा कुछ नहीं करता था घर पर रहता था. परिवार की आर्थिक हालत मजबूत नहीं थी। नेमराज छह बीघा खेती के सहारे गांव के बाहर घर बनाकर किसी तरह घर चला रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संदिग्धों की तलाश में टीमों को लगाया गया है।जल्द घटना का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।
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