श्रावस्ती के मलंग गांव जमुनहा में बाल विवाह और बाल यौन शोषण पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। देहात इंडिया और जस्ट राइट्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों के प्रति बढ़ते अपराधों को रोकना और उन्हें सुरक्षित माहौल प्रदान करना था। कार्यक्रम की शुरुआत देहात टीम के जिला समन्वयक मो. यूसुफ ने की। उन्होंने उपस्थित बालिकाओं को बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों के प्रति जागरूक किया और उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक जानकारी से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यशाला में एसआई महिमा सिंह ने ‘गुड टच और बैड टच’ के बीच अंतर समझाने की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों में यह विश्वास जगाना बेहद जरूरी है कि वे अपने साथ हुई किसी भी असहज घटना को बिना डरे अपने माता-पिता के साथ साझा कर सकें। देहात संस्था से हंस राम ने पॉक्सो अधिनियम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों की रिपोर्ट दर्ज कराना अनिवार्य है और यह कानून दोषियों को कड़ी सजा का प्रावधान करता है। इस अवसर पर एक किशोरी ने बाल विवाह रुकवाने के तरीकों पर अपने सुझाव साझा किए। देहात इंडिया संस्था द्वारा बच्चियों को शॉल देकर सम्मानित भी किया गया। कार्यशाला में एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन से अभिषेक कुमार तथा देहात इंडिया संस्था से रमेश शुक्ला, लक्ष्मी देवी, सरोज पटेल और सारजन वर्मा सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
श्रावस्ती में बाल विवाह, यौन शोषण पर कार्यशाला:बच्चों को सुरक्षित माहौल देने, अपराध रोकने पर जोर
श्रावस्ती के मलंग गांव जमुनहा में बाल विवाह और बाल यौन शोषण पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। देहात इंडिया और जस्ट राइट्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों के प्रति बढ़ते अपराधों को रोकना और उन्हें सुरक्षित माहौल प्रदान करना था। कार्यक्रम की शुरुआत देहात टीम के जिला समन्वयक मो. यूसुफ ने की। उन्होंने उपस्थित बालिकाओं को बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों के प्रति जागरूक किया और उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक जानकारी से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यशाला में एसआई महिमा सिंह ने ‘गुड टच और बैड टच’ के बीच अंतर समझाने की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों में यह विश्वास जगाना बेहद जरूरी है कि वे अपने साथ हुई किसी भी असहज घटना को बिना डरे अपने माता-पिता के साथ साझा कर सकें। देहात संस्था से हंस राम ने पॉक्सो अधिनियम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों की रिपोर्ट दर्ज कराना अनिवार्य है और यह कानून दोषियों को कड़ी सजा का प्रावधान करता है। इस अवसर पर एक किशोरी ने बाल विवाह रुकवाने के तरीकों पर अपने सुझाव साझा किए। देहात इंडिया संस्था द्वारा बच्चियों को शॉल देकर सम्मानित भी किया गया। कार्यशाला में एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन से अभिषेक कुमार तथा देहात इंडिया संस्था से रमेश शुक्ला, लक्ष्मी देवी, सरोज पटेल और सारजन वर्मा सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।






























