अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार के हाथों में एनसीपी की कमान, अल्पसंख्यक कल्याण प्राथमिक एजेंडा

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महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है. यह फैसला मुंबई में पार्टी के शीर्ष नेताओं की बैठक में लिया गया. वे औपचारिक रूप से 26 फरवरी को पदभार ग्रहण करेंगी.

तीन सप्ताह पहले विमान दुर्घटना में अजित पवार के निधन के बाद से ही पार्टी नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज थीं. अजित पवार न केवल महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री थे, बल्कि एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे. ऐसे में सुनेत्रा पवार का पार्टी प्रमुख बनना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है.

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बैठक में सर्वसम्मति से चुने जाने के बाद सुनेत्रा पवार ने पार्टी नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि एनसीपी महाराष्ट्र के विकास और जनकल्याण के एजेंडे पर ही आगे बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि अजित पवार अपनी प्रशासनिक पकड़ और विकास कार्यों के लिए पहचाने जाते थे और यही पार्टी की पहचान बनी रहेगी.

सुनेत्रा पवार वर्तमान में महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री होने के साथ-साथ अल्पसंख्यक कल्याण, युवा एवं खेल मामलों का प्रभार भी संभाल रही हैं. अपने संबोधन में उन्होंने संकेत दिया कि अल्पसंख्यक समुदायों के सशक्तिकरण, युवाओं के अवसरों और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुनेत्रा पवार की नियुक्ति से पार्टी में स्थिरता का संदेश गया है. अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद संगठन में नेतृत्व को लेकर संभावित असमंजस की स्थिति को इस फैसले ने काफी हद तक समाप्त कर दिया है. साथ ही यह कदम पार्टी के भीतर एकजुटता दर्शाने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है.

एनसीपी सूत्रों के अनुसार, आने वाले महीनों में संगठनात्मक पुनर्गठन और राज्यभर में जनसंपर्क अभियान शुरू किए जा सकते हैं. सुनेत्रा पवार की प्राथमिकता पार्टी कैडर को मजबूत करना और अजित पवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाना होगी.

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महाराष्ट्र की सियासत में यह बदलाव आगामी चुनावी समीकरणों पर भी असर डाल सकता है. अब सभी की नजर 26 फरवरी पर टिकी है, जब सुनेत्रा पवार औपचारिक रूप से एनसीपी की कमान संभालेंगी और आगे की रणनीति का संकेत देंगी.

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