भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति और रोडमैप को लेकर वैश्विक स्तर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन ने मंगलवार को कहा कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में शामिल हुए वैश्विक टेक कंपनियों के प्रमुख और विशेषज्ञ भारत के उच्च गुणवत्ता वाले एआई रोडमैप से “बेहद प्रभावित” हैं।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस समिट में भाग लेने वाले अंतरराष्ट्रीय सीईओ और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कृष्णन ने कहा कि अधिकांश प्रतिभागियों ने प्रस्तुतियों की गुणवत्ता और वक्ताओं की विशेषज्ञता की खुलकर सराहना की। उनके अनुसार, समिट में आयोजित सत्रों का स्तर अत्यंत उच्च रहा और दर्शकों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही।
अतिरिक्त सचिव अभिषेक सिंह ने जानकारी दी कि सोमवार से शुरू हुए इस समिट में अब तक 1.25 लाख से अधिक लोग भाग ले चुके हैं। 20 फरवरी तक चलने वाले इस कार्यक्रम की डिजिटल पहुंच भी व्यापक रही है। अब तक 115 सत्रों का यूट्यूब पर सीधा प्रसारण किया गया, जिन्हें 4.57 लाख से अधिक बार देखा गया।
इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 भी इसी समिट के साथ आयोजित किया जा रहा है। यह एक्सपो 70,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला है और 10 अलग-अलग एरेना में एआई तकनीक के व्यावहारिक उपयोग का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसमें वैश्विक टेक कंपनियों, स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संगठनों, केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों की भागीदारी है।
एक्सपो में 13 देशों के पवेलियन भी स्थापित किए गए हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीकी देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह वैश्विक एआई पारिस्थितिकी तंत्र में सहयोग को दर्शाता है।
समिट की थीम तीन प्रमुख स्तंभों — ‘पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस’ — पर आधारित है। इसे ग्लोबल साउथ में आयोजित पहला बड़ा वैश्विक एआई सम्मेलन बताया जा रहा है। कार्यक्रम में 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और 500 से अधिक वैश्विक एआई नेता शामिल हुए हैं।
यह समिट इंडिया एआई मिशन और डिजिटल इंडिया पहल के तहत वैश्विक विमर्श को ठोस विकास परिणामों में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 फरवरी को उद्घाटन संबोधन देंगे, जिसमें समावेशी, विश्वसनीय और विकासोन्मुख कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए भारत की दृष्टि को रेखांकित किया जाएगा। आयोजन को लेकर सुरक्षा और प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
कुल मिलाकर, इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने भारत को वैश्विक एआई नेतृत्व के केंद्र में स्थापित करने की दिशा में मजबूत संकेत दिए हैं।






























