18 महीने के सियासी उथल-पुथल के बाद तारीक रहमान बने प्रधानमंत्री, नई सरकार बनते ही नौकरशाही में तेज लॉबिंग

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करीब 18 महीनों की राजनीतिक अस्थिरता के बाद बांग्लादेश ने नई सरकार का गठन कर लिया है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के अध्यक्ष तारीक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। ढाका स्थित राष्ट्रीय संसद में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन की मौजूदगी में उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की।

शपथ ग्रहण के साथ ही नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। मंत्रियों और राज्य मंत्रियों के शपथ लेने के बाद अब प्रशासनिक ढांचे में फेरबदल की चर्चाएं जोरों पर हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विभिन्न मंत्रालयों में मध्यम और वरिष्ठ स्तर के अधिकारी अहम पदों पर तैनाती के लिए सक्रिय लॉबिंग कर रहे हैं।

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बताया जा रहा है कि नौकरशाही और पुलिस विभाग में महत्वपूर्ण पदों को लेकर अंदरूनी गतिविधियां बढ़ गई हैं। नई राजनीतिक नेतृत्व के साथ तालमेल बैठाने और प्रभावशाली मंत्रालयों में पोस्टिंग पाने के लिए अधिकारियों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है। विशेष रूप से गृह, वित्त, विदेश और प्रशासनिक सुधार से जुड़े विभागों में नियुक्तियों को लेकर हलचल देखी जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लंबे समय तक चले अस्थिर दौर के बाद बनी नई सरकार के सामने प्रशासनिक स्थिरता स्थापित करना बड़ी चुनौती होगी। ऐसे में शीर्ष पदों पर विश्वसनीय और सक्षम अधिकारियों की नियुक्ति सरकार की प्राथमिकता मानी जा रही है।

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बीएनपी के नेतृत्व वाली सरकार के लिए यह भी जरूरी होगा कि वह नौकरशाही में पारदर्शिता और संतुलन बनाए रखे ताकि यह संदेश जाए कि नियुक्तियां योग्यता के आधार पर हो रही हैं, न कि राजनीतिक नजदीकियों के आधार पर।

तारीक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार से आर्थिक सुधार, प्रशासनिक पुनर्गठन और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की उम्मीद की जा रही है। हालांकि, कैबिनेट विस्तार और प्रमुख विभागों में नियुक्तियों को लेकर आने वाले दिनों में और स्पष्टता सामने आने की संभावना है।

फिलहाल, शपथ ग्रहण के तुरंत बाद शुरू हुई लॉबिंग ने यह संकेत दे दिया है कि नई सत्ता व्यवस्था के साथ प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव की तैयारी चल रही है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रधानमंत्री तारीक रहमान किस तरह संतुलन साधते हुए अपनी टीम को अंतिम रूप देते हैं।

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