श्रावस्ती जिले में लगातार पड़ रहे घने कोहरे और पाले ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शिकारी चौरा क्षेत्र में मक्के की फसल और नासिरगंज कस्बे में अरहर की फसल पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जिससे पैदावार में कमी आने की आशंका है। मक्का उत्पादक किसान अरबाज खान ने बताया कि अत्यधिक नमी और कम तापमान के कारण मक्के के खेत को नुकसान हो रहा है। कोहरे से पत्तियों पर नमी जमने से झुलसा रोग का खतरा बढ़ जाता है, जिससे पौधों की विकास दर धीमी हो जाती है। किसान जावेद ने भी बताया कि कम रोशनी मिलने से प्रकाश संश्लेषण बाधित होता है, जिससे मक्के की वृद्धि रुक जाती है और फसल कमजोर हो जाती है। नासिरगंज निवासी किसान बन्ने के अनुसार, अरहर की फसल गर्म मौसम की होती है और कोहरे के कारण तापमान में गिरावट इसकी वृद्धि को प्रभावित करती है। उन्होंने बताया कि कोहरे से पौधों में फंगी का प्रकोप बढ़ सकता है, जिससे पत्तियां पीली पड़ जाती हैं और फूल व फल कम लगते हैं। किसान छब्बन हुसैन ने बताया कि अरहर के लिए कम तापमान हानिकारक है और कोहरे से मिट्टी में नमी की अधिकता जड़ों में सड़न पैदा कर सकती है। इन सभी कारणों से मक्का और अरहर दोनों फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। किसानों को अपनी आय पर सीधा असर पड़ने की आशंका है और वे अपनी फसलों को बचाने के लिए चिंतित हैं।
श्रावस्ती में कोहरे-पाले से फसलें खराब:मक्का और अरहर की पैदावार पर असर, किसान चिंतित
श्रावस्ती जिले में लगातार पड़ रहे घने कोहरे और पाले ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शिकारी चौरा क्षेत्र में मक्के की फसल और नासिरगंज कस्बे में अरहर की फसल पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जिससे पैदावार में कमी आने की आशंका है। मक्का उत्पादक किसान अरबाज खान ने बताया कि अत्यधिक नमी और कम तापमान के कारण मक्के के खेत को नुकसान हो रहा है। कोहरे से पत्तियों पर नमी जमने से झुलसा रोग का खतरा बढ़ जाता है, जिससे पौधों की विकास दर धीमी हो जाती है। किसान जावेद ने भी बताया कि कम रोशनी मिलने से प्रकाश संश्लेषण बाधित होता है, जिससे मक्के की वृद्धि रुक जाती है और फसल कमजोर हो जाती है। नासिरगंज निवासी किसान बन्ने के अनुसार, अरहर की फसल गर्म मौसम की होती है और कोहरे के कारण तापमान में गिरावट इसकी वृद्धि को प्रभावित करती है। उन्होंने बताया कि कोहरे से पौधों में फंगी का प्रकोप बढ़ सकता है, जिससे पत्तियां पीली पड़ जाती हैं और फूल व फल कम लगते हैं। किसान छब्बन हुसैन ने बताया कि अरहर के लिए कम तापमान हानिकारक है और कोहरे से मिट्टी में नमी की अधिकता जड़ों में सड़न पैदा कर सकती है। इन सभी कारणों से मक्का और अरहर दोनों फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। किसानों को अपनी आय पर सीधा असर पड़ने की आशंका है और वे अपनी फसलों को बचाने के लिए चिंतित हैं।






























