गिलौला में ग्राम स्तरीय बाल कल्याण समिति की बैठक आयोजित:बाल विवाह रोकथाम और शिक्षा सुधार पर हुई चर्चा

1
गिलौला में ग्राम स्तरीय बाल कल्याण समिति की बैठक आयोजित:बाल विवाह रोकथाम और शिक्षा सुधार पर हुई चर्चा
Advertisement

श्रावस्ती जनपद के गिलौला क्षेत्र की ग्राम पंचायत पिपरा में ग्राम स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, बाल विवाह की रोकथाम, शिक्षा के स्तर में सुधार और बाल संसद की अवधारणा को सशक्त करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य चंद्रजीत मिश्रा ने की। उन्होंने बाल विवाह को बच्चों के भविष्य को प्रभावित करने वाली कुप्रथा बताया और समाज के सभी वर्गों से इसके विरुद्ध जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने का आग्रह किया। स्वास्थ्य विभाग से एएनएम आरती देवी, आशा बहू मालती देवी और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री आरती देवी ने बाल स्वास्थ्य, पोषण और किशोरियों की देखभाल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बच्चों के समुचित विकास के लिए समय पर टीकाकरण, पोषण आहार और स्वास्थ्य जांच को आवश्यक बताया। देहात संस्था के प्रतिनिधियों, मो. यूसुफ, चांदनी शुक्ला और मीना मणि त्रिपाठी ने बाल संसद की संरचना, उद्देश्य और संचालन प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बाल संसद बच्चों में नेतृत्व क्षमता, सहभागिता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में सहायक है। पुलिस विभाग से उपनिरीक्षक पंकज कुमार गुप्ता और मीना मणि त्रिपाठी ने बाल विवाह रोकथाम अधिनियम तथा बाल सुरक्षा कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है और इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को देने पर कार्रवाई की जाती है। ग्रामीणों से अपील की गई कि किसी भी संदिग्ध बाल विवाह की सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को दें। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राहुल और अभिभावक राजेंद्र आर्य ने ग्रामीणों की समस्याओं को बैठक में प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यालय में सुविधाओं के विस्तार, बच्चों की पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण और जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में अनुरुद्धा पाण्डेय और सत्यम गुप्ता सहित अन्य विद्यार्थियों ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने विद्यालय में खेल-कूद की सुविधा, पुस्तकालय और स्वच्छ वातावरण की मांग की। अंत में, गांव स्तर पर बाल विवाह रोकथाम और बच्चों के कल्याण से संबंधित गतिविधियों को जारी रखने का निर्णय लिया गया।
Advertisement