रमज़ान के पवित्र माह की शुरुआत के साथ ही इकौना ब्लॉक क्षेत्र के बाजारों में रौनक बढ़ गई। पहले रोज़े के दिन सुबह से ही लोग इफ्तार और सहरी के सामान की खरीदारी के लिए बाजारों में उमड़ पड़े। खजूर, ताजे फल जैसे तरबूज, केला, सेब, साथ ही शरबत, सेवई, बेसन, चना और पकौड़ी के सामान की दुकानों पर अच्छी खासी भीड़ देखी गई। शाम होते-होते इफ्तार से पहले बाजारों की रौनक और बढ़ गई। दुकानदारों ने रमज़ान को देखते हुए अतिरिक्त स्टॉक की व्यवस्था की थी। स्थानीय निवासी डॉ. आरिफ गुलफाम अहमद ने बताया कि रमज़ान का पहला रोज़ा खास होता है, जिसके कारण बाजार में अधिक भीड़ देखी गई। इरफान अहमद ने कहा कि इफ्तार के लिए ताजे फल और खजूर की खरीदारी को लेकर लोगों में उत्साह है। दुकानदार जितेंद्र गुप्ता के अनुसार, रमज़ान शुरू होते ही कारोबार में तेजी आ जाती है और पहले दिन से ही अच्छी बिक्री दर्ज की गई। रमज़ान को इबादत, सब्र और भाईचारे का महीना माना जाता है। रोज़ेदार दिनभर रोज़ा रखने के बाद सूर्यास्त के समय इफ्तार करते हैं। इस दौरान मस्जिदों में तरावीह की नमाज़ अदा की जाती है, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल बना हुआ है।
रमज़ान के पहले दिन इकौना ब्लॉक के बाजारों में रौनक:इफ्तार-सहरी के सामान की खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़
रमज़ान के पवित्र माह की शुरुआत के साथ ही इकौना ब्लॉक क्षेत्र के बाजारों में रौनक बढ़ गई। पहले रोज़े के दिन सुबह से ही लोग इफ्तार और सहरी के सामान की खरीदारी के लिए बाजारों में उमड़ पड़े। खजूर, ताजे फल जैसे तरबूज, केला, सेब, साथ ही शरबत, सेवई, बेसन, चना और पकौड़ी के सामान की दुकानों पर अच्छी खासी भीड़ देखी गई। शाम होते-होते इफ्तार से पहले बाजारों की रौनक और बढ़ गई। दुकानदारों ने रमज़ान को देखते हुए अतिरिक्त स्टॉक की व्यवस्था की थी। स्थानीय निवासी डॉ. आरिफ गुलफाम अहमद ने बताया कि रमज़ान का पहला रोज़ा खास होता है, जिसके कारण बाजार में अधिक भीड़ देखी गई। इरफान अहमद ने कहा कि इफ्तार के लिए ताजे फल और खजूर की खरीदारी को लेकर लोगों में उत्साह है। दुकानदार जितेंद्र गुप्ता के अनुसार, रमज़ान शुरू होते ही कारोबार में तेजी आ जाती है और पहले दिन से ही अच्छी बिक्री दर्ज की गई। रमज़ान को इबादत, सब्र और भाईचारे का महीना माना जाता है। रोज़ेदार दिनभर रोज़ा रखने के बाद सूर्यास्त के समय इफ्तार करते हैं। इस दौरान मस्जिदों में तरावीह की नमाज़ अदा की जाती है, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल बना हुआ है।






























