श्रावस्ती जिले के जमुनहा ब्लॉक स्थित बैजनाथपुर गांव में बना सामुदायिक शौचालय पूरी तरह जर्जर हो चुका है। इसके कारण ग्रामीणों को खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शौचालय के दरवाजे टूटे हुए हैं, अंदर गंदगी का अंबार है और मुख्य गेट पर ताला लगा रहता है। इन अव्यवस्थाओं के चलते ग्रामीण इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह शौचालय लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। इसकी न तो नियमित सफाई होती है और न ही कोई रखरखाव किया जा रहा है। टूटी हुई सुविधाओं के कारण विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ओम प्रकाश, विपिन, रमेश और शालू ने प्रशासन से जल्द से जल्द शौचालय की मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इसकी मरम्मत और नियमित सफाई की व्यवस्था हो जाए, तो गांव को स्वच्छ और सुरक्षित शौच सुविधा मिल सकेगी। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि खुले में शौच की समस्या तभी समाप्त होगी, जब जमीनी स्तर पर बनी सुविधाएं ठीक से संचालित होंगी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए शौचालयों की यह बदहाली योजना की सफलता पर भी सवाल उठाती है। इस संबंध में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि आसिफ ने बताया कि शौचालय के मरम्मत का कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा।
बैजनाथपुर गांव में सामुदायिक शौचालय बदहाल:खुले में शौच को मजबूर ग्रामीण, मरम्मत की मांग
श्रावस्ती जिले के जमुनहा ब्लॉक स्थित बैजनाथपुर गांव में बना सामुदायिक शौचालय पूरी तरह जर्जर हो चुका है। इसके कारण ग्रामीणों को खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शौचालय के दरवाजे टूटे हुए हैं, अंदर गंदगी का अंबार है और मुख्य गेट पर ताला लगा रहता है। इन अव्यवस्थाओं के चलते ग्रामीण इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह शौचालय लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। इसकी न तो नियमित सफाई होती है और न ही कोई रखरखाव किया जा रहा है। टूटी हुई सुविधाओं के कारण विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ओम प्रकाश, विपिन, रमेश और शालू ने प्रशासन से जल्द से जल्द शौचालय की मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इसकी मरम्मत और नियमित सफाई की व्यवस्था हो जाए, तो गांव को स्वच्छ और सुरक्षित शौच सुविधा मिल सकेगी। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि खुले में शौच की समस्या तभी समाप्त होगी, जब जमीनी स्तर पर बनी सुविधाएं ठीक से संचालित होंगी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए शौचालयों की यह बदहाली योजना की सफलता पर भी सवाल उठाती है। इस संबंध में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि आसिफ ने बताया कि शौचालय के मरम्मत का कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा।





























