श्रावस्ती के नवीन मार्डन थाना क्षेत्र में नीलगाय के बढ़ते आतंक से किसान गंभीर रूप से परेशान हैं। नीलगाय के झुंड खेतों में घुसकर गेहूं, सरसों सहित अन्य रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत बर्बाद हो रही है। स्थानीय किसानों ने बताया कि वे अपनी फसलों को बचाने के लिए दिन-रात खेतों की रखवाली कर रहे हैं। इसके बावजूद, नीलगाय मौका मिलते ही खेतों में प्रवेश कर फसलें चर जाती हैं। किसानों के अनुसार, रात के समय यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, जब नीलगाय बड़े झुंडों में खेतों में घुसकर देखते ही देखते बड़ी मात्रा में फसलें नष्ट कर देती हैं। किसान मोहन लाल, अभिषेक मिश्रा और प्रमोद कुमार मिश्रा सहित अन्य किसानों ने बताया कि फसलों को बचाने के लिए तारबंदी, लगातार निगरानी और शोर मचाने जैसे पारंपरिक उपाय भी अब कारगर साबित नहीं हो रहे हैं। इस स्थिति के कारण किसानों को न केवल भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि उनमें मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है। किसानों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
इकौना में नीलगाय का आतंक:नवीन मार्डन थाना क्षेत्र के किसान फसल बर्बादी से जूझ रहे
श्रावस्ती के नवीन मार्डन थाना क्षेत्र में नीलगाय के बढ़ते आतंक से किसान गंभीर रूप से परेशान हैं। नीलगाय के झुंड खेतों में घुसकर गेहूं, सरसों सहित अन्य रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत बर्बाद हो रही है। स्थानीय किसानों ने बताया कि वे अपनी फसलों को बचाने के लिए दिन-रात खेतों की रखवाली कर रहे हैं। इसके बावजूद, नीलगाय मौका मिलते ही खेतों में प्रवेश कर फसलें चर जाती हैं। किसानों के अनुसार, रात के समय यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, जब नीलगाय बड़े झुंडों में खेतों में घुसकर देखते ही देखते बड़ी मात्रा में फसलें नष्ट कर देती हैं। किसान मोहन लाल, अभिषेक मिश्रा और प्रमोद कुमार मिश्रा सहित अन्य किसानों ने बताया कि फसलों को बचाने के लिए तारबंदी, लगातार निगरानी और शोर मचाने जैसे पारंपरिक उपाय भी अब कारगर साबित नहीं हो रहे हैं। इस स्थिति के कारण किसानों को न केवल भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि उनमें मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है। किसानों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।




























