क्या डिटॉक्स जूस सच में वजन घटाने में मदद करता है? न्यूट्रिशनिस्ट ने बताए सच और मिथक

1
Advertisement

वजन कम करने के लिए लोग अक्सर “डिटॉक्स जूस” या “जूस क्लेंज़” का सहारा लेते हैं. सोशल मीडिया पर इसे शरीर से टॉक्सिन निकालने, पाचन सुधारने और तेजी से वजन घटाने का आसान तरीका बताया जाता है. लेकिन क्या वाकई यह दावा वैज्ञानिक रूप से सही है?

बेंगलुरु के Aster RV Hospital में सीनियर क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट Aditi Prasad Apte ने इन लोकप्रिय दावों को मिथक बताया है.

मिथक 1: डिटॉक्स जूस शरीर से टॉक्सिन निकालता है
न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार, इस दावे के समर्थन में कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि शरीर को डिटॉक्स करने का काम प्राकृतिक रूप से लीवर और किडनी करते हैं. ये अंग खुद ही विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में सक्षम हैं. अलग से जूस क्लेंज़ की जरूरत नहीं होती.

यहां भी पढ़े:  बंगाल में 8100 माइक्रो ऑब्जर्वर पर सियासी घमासान, ममता बनर्जी और चुनाव आयोग आमने-सामने

मिथक 2: जूस क्लेंज़ से तेजी से वजन घटता है
कई लोग कुछ दिनों का जूस डाइट अपनाकर वजन कम होते देख खुश हो जाते हैं.
लेकिन विशेषज्ञ के मुताबिक:

यह वजन घटाव सिर्फ कैलोरी डेफिसिट की वजह से होता है.

सामान्य भोजन शुरू करते ही वजन दोबारा बढ़ जाता है.

यह स्थायी फैट लॉस नहीं, बल्कि अस्थायी वजन कम होना होता है.

जूस डाइट के संभावित जोखिम
1. ज्यादा शुगर, कम फाइबर
फलों के जूस में प्राकृतिक शुगर ज्यादा और फाइबर कम होता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता-घटता है. यह डायबिटीज या इंसुलिन रेजिस्टेंस वाले लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है.

यहां भी पढ़े:  Meta ने Limitless खरीदी एआई-पावर्ड पेंडेंट वियरेबल टेक्नोलॉजी को लाया अपने नेटवर्क में

2. प्रोटीन की कमी
प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा न मिलने से:

मसल लॉस हो सकता है

मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ सकता है

इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है

3. डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन
खासतौर पर तब जब जूस प्लान के साथ लैक्सेटिव या कोलन क्लेंज़िंग प्रोडक्ट्स लिए जाएं. गंभीर मामलों में चक्कर, कमजोरी, लो ब्लड प्रेशर या अस्पताल में भर्ती होने की नौबत भी आ सकती है.

सही तरीका क्या है?
तेजी से वजन घटाने वाले “डिटॉक्स हैक्स” के बजाय विशेषज्ञ सलाह देती हैं कि:

संतुलित भोजन लें (प्रोटीन, साबुत अनाज, सब्जियां, हेल्दी फैट्स)

पर्याप्त पानी पिएं

नियमित व्यायाम करें

अच्छी नींद लें

यही आदतें शरीर के प्राकृतिक डिटॉक्स सिस्टम को सपोर्ट करती हैं और लंबे समय तक वजन नियंत्रित रखने में मदद करती हैं.

यहां भी पढ़े:  बंगाल में 8100 माइक्रो ऑब्जर्वर पर सियासी घमासान, ममता बनर्जी और चुनाव आयोग आमने-सामने

डिटॉक्स जूस कोई जादुई उपाय नहीं है. अगर वजन कम करना है तो टिकाऊ और वैज्ञानिक तरीके अपनाना ही बेहतर है.

अगर चाहें तो मैं आपके लिए एक सिंपल, बैलेंस्ड वेट-लॉस मील प्लान (इंडियन डाइट के अनुसार) भी बना सकता/सकती हूँ.

Advertisement