श्रावस्ती जिले के तुलसीपुर क्षेत्र में सरयू नहर पर बना पुल जर्जर हो गया है। इसकी सतह जगह-जगह से टूट चुकी है और कई स्थानों पर गहरी दरारें पड़ गई हैं। प्रतिदिन सैकड़ों लोग जान जोखिम में डालकर इस पुल से गुजरने को मजबूर हैं, जिससे बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। पुल से नियमित रूप से गुजरने वाले किसान रामशरण वर्मा ने बताया कि बाइक चलाते समय डर लगता है। व्यापारी इमरान अली ने कहा कि यह पुल बहराइच और जमुनहा को जोड़ता है, जिससे स्थानीय व्यापार प्रभावित होता है। उनके अनुसार, यदि यह मार्ग बंद होता है, तो पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां थम जाएंगी। कॉलेज छात्रा पूजा गुप्ता ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बरसात के मौसम में दरारें दिखाई नहीं देतीं, जिससे दुर्घटना का जोखिम और बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार बाइक सवार फिसल चुके हैं और छोटे-मोटे हादसे भी हो चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन हादसों के बावजूद अब तक पुल की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से पुल की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। ग्रामीणों और राहगीरों ने जिला प्रशासन तथा संबंधित विभाग से पुल की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि अधिकारी जल्द ही मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके। यह पुल तुलसीपुर को जमुनहा और आसपास के सैकड़ों गांवों से जोड़ता है। यह मार्ग स्थानीय लोगों के लिए अस्पताल, बाजार, तहसील और शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने का मुख्य जरिया है। ऐसे में पुल की बदहाली ने पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
श्रावस्ती के तुलसीपुर में सरयू नहर पुल जर्जर, खतरा बढ़ा:सतह टूटी, गहरी दरारें; लोग जान जोखिम में डालकर गुजर रहे
श्रावस्ती जिले के तुलसीपुर क्षेत्र में सरयू नहर पर बना पुल जर्जर हो गया है। इसकी सतह जगह-जगह से टूट चुकी है और कई स्थानों पर गहरी दरारें पड़ गई हैं। प्रतिदिन सैकड़ों लोग जान जोखिम में डालकर इस पुल से गुजरने को मजबूर हैं, जिससे बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। पुल से नियमित रूप से गुजरने वाले किसान रामशरण वर्मा ने बताया कि बाइक चलाते समय डर लगता है। व्यापारी इमरान अली ने कहा कि यह पुल बहराइच और जमुनहा को जोड़ता है, जिससे स्थानीय व्यापार प्रभावित होता है। उनके अनुसार, यदि यह मार्ग बंद होता है, तो पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां थम जाएंगी। कॉलेज छात्रा पूजा गुप्ता ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बरसात के मौसम में दरारें दिखाई नहीं देतीं, जिससे दुर्घटना का जोखिम और बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार बाइक सवार फिसल चुके हैं और छोटे-मोटे हादसे भी हो चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन हादसों के बावजूद अब तक पुल की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से पुल की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। ग्रामीणों और राहगीरों ने जिला प्रशासन तथा संबंधित विभाग से पुल की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि अधिकारी जल्द ही मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके। यह पुल तुलसीपुर को जमुनहा और आसपास के सैकड़ों गांवों से जोड़ता है। यह मार्ग स्थानीय लोगों के लिए अस्पताल, बाजार, तहसील और शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने का मुख्य जरिया है। ऐसे में पुल की बदहाली ने पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता पैदा कर दी है।






























