वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह और सुख-समृद्धि बनाए रखने के लिए छोटे-छोटे बदलाव बड़े परिणाम दे सकते हैं। यहाँ आपके लिए कुछ साधारण और बेहद उपयोगी वास्तु उपाय बिंदुवार दिए गए हैं:
झाड़ू-पोछा का रखरखाव: झाड़ू और पोछे को कभी भी खुले में नहीं रखना चाहिए, इन्हें हमेशा छुपा कर रखें। विशेष ध्यान रखें कि झाड़ू कभी भी रसोई घर में न हो।
शीशा और खिड़कियाँ: घर में कभी भी टूटा हुआ शीशा नहीं रखना चाहिए। घर के मुख्य द्वार पर या उसके ऊपर एक बड़ा शीशा लगाना शुभ होता है, क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा को टकराकर वापस भेज देता है।
शौचालय की सावधानी: नकारात्मक ऊर्जा को फैलने से रोकने के लिए शौचालय का दरवाजा हमेशा बंद रखना चाहिए।
शुद्ध कपूर के उपाय: * घर में सुख-शांति के लिए सुबह-शाम कपूर को घी में डुबोकर जलाएं।
दुर्घटनाओं से बचाव के लिए शाम को हनुमान चालीसा के पाठ के बाद कपूर अवश्य जलाएं।- वास्तु दोष वाली जगह पर कपूर की 2 टिकिया रखें और उनके खत्म होने पर पुनः रख दें।
- शुद्ध कपूर की पहचान यह है कि वह 24 घंटे में अपने आप वाष्पित (उड़) जाता है।
भाग्य और लक्ष्मी कृपा: * अच्छे भाग्य के लिए नहाने के पानी में कपूर के तेल की कुछ बूंदें मिलाएं (शनिवार को चमेली का तेल भी मिला सकते हैं)।
लक्ष्मी जी की कृपा के लिए रोज रात को रसोई साफ करने के बाद चांदी की कटोरी में कपूर और लौंग जलाएं।
लेन-देन के नियम: सूर्यास्त के बाद कभी भी किसी बाहरी व्यक्ति को दूध, दही या प्याज न दें, यह भाग्य में बाधा उत्पन्न कर सकता है।
मुख्य द्वार की सफाई: घर के मुख्य द्वार पर कभी भी कूड़ादान (डस्टबिन) न रखें।
घड़ी से जुड़े नियम: * घड़ी को कभी भी दक्षिण दिशा में या दरवाजे के ऊपर न टांगें।
घड़ी का समय हमेशा सही रखें, इसे आगे या पीछे न करें।- घर में हरी, लाल या संतरी और दुकान में नीली या काली घड़ी लगाने से बचें। घड़ी हमेशा गोल या चौकोर ही होनी चाहिए।
शयनकक्ष और पौधे: सोने वाले कमरे (Bedroom) में पौधे नहीं लगाने चाहिए।
नमक का पोछा: घर में नकारात्मकता दूर करने के लिए पोछा लगाते समय पानी में सेंधा नमक या सादा नमक जरूर डालें।
सीढ़ियों की संख्या: घर में सीढ़ियों की कुल संख्या हमेशा विषम (Odd जैसे 5, 7, 9, 11) होनी चाहिए।
दुर्भाग्य दूर करने का विशेष उपाय: एक कपूर और फूल वाली लौंग जलाकर उसकी राख को पुड़िया में रख लें। 5 दिनों तक इसे थोड़ा-थोड़ा जुबान पर लगाने से दुर्भाग्य दूर होता है।
तरक्की के मार्ग: प्रतिदिन पहली रोटी गाय को दें, पीपल के वृक्ष को जल चढ़ाएं और चींटियों को शक्कर मिला हुआ आटा डालें।
मानसिक शांति और परेशानी का हल: रात को तांबे के लोटे में जल और लाल चंदन मिलाकर सिरहाने रखें और सुबह उसे तुलसी में चढ़ा दें।
नौकरी और करियर: मनचाही नौकरी पाने के लिए कुएं में आधा किलो दूध डालना शुभ माना जाता है।
पंचतत्व संतुलन: अग्नि कोण (South-East) में पानी की टंकी कभी नहीं बनवानी चाहिए।
काम में सफलता: रविवार के दिन जेब में पान का पत्ता रखकर निकलने से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना बढ़ती है।
जूते-चप्पल के नियम: कभी भी उपहार में मिले या चोरी के जूते न पहनें। ऑफिस जाते समय भूरे रंग के जूते पहनने से बचना चाहिए।






























