28 जनवरी 2026 का दिन धार्मिक भावनाओं और पावन अनुष्ठानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बनकर उभर रहा है, क्योंकि हिंदू पंचांग के अनुसार यह माघ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि और माघ गुप्त नवरात्रि का अंतिम दिन है. आज का दिन विशेष रूप से मां कमला देवी की पूजा-अर्चना को समर्पित है. 28 जनवरी को माघ गुप्त नवरात्रि के समापन के अवसर पर भक्त जूनून के साथ मां कमला देवी को नमन कर रहे हैं और अपने जीवन में समृद्धि, सुख तथा सकारात्मक ऊर्जा की कामना कर रहे हैं.
धार्मिक उत्साह इस तथ्य से भी बढ़ रहा है कि आज शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि होने के कारण कई शुभ योग एक साथ साधकों को लाभ प्रदान कर रहे हैं. पंचांग विशेषज्ञों के अनुसार यह दिन सामाजिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद शुभ माना जाता है और खास तौर पर देवी पूजा में विशेष शुभ समय निकलने पर विधिवत पूजा-कर्म किए जा रहे हैं. मंदिरों में भजन-कीर्तन, हवन और देवी स्तुति का आयोजन भव्य रूप से किया जा रहा है.
28 जनवरी की धार्मिक महत्ता को और गहरा बनाता है कि इस दिन कई स्थानों पर धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ जया एकादशी व्रत को लेकर भी चर्चा चल रही है. जया एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है और माना जाता है कि इस व्रत को रखने से मनुष्य के पाप नष्ट होते हैं तथा जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति आती है. हालांकि इस व्रत की तारीख को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि पंचांग विशेषज्ञों के अनुसार जया एकादशी 28 या 29 जनवरी को पड़ सकती है, और इसका निर्णय तिथि के प्राण समय पर निर्भर करता है. भक्तगण पूजा विधि, व्रत नियम, पारण समय और शुभ मुहूर्त से सतर्क होकर इस व्रत को विधिवत मनाने की तैयारी में हैं.
धार्मिक सूत्रों के अनुसार आज के दिन देवी कमला के साथ-साथ अपने पूर्वजों के लिए तर्पण और पुण्य कार्य करना भी विशेष फलदायक माना जाता है. पंडित और ज्योतिषाचार्य कह रहे हैं कि गुप्त नवरात्रि के अंतिम दिन देवी की पूजा विशेष फल प्रदान करती है, जिससे जीवन में बाधाओं और नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति मिलती है. इस पावन तिथि को साधना करने वाले श्रद्धालु सुबह से ही देवी मूरतों के सामने दीपक जलाकर, आरती गाकर, मंत्रों का जप करके अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.
आज के दिन दूसरे कई धार्मिक अनुष्ठान भी पूजा पाठ में शामिल हैं. श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान कर गंगाजल से अपने घर मंदिरों को शुद्ध कर रहे हैं तथा वेद मंत्रों का उच्चारण कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना कर रहे हैं. भक्तजन मानते हैं कि मां कमला देवी की उपासना धन, वैभव और घर परिवार में सुख-शांति प्रदान करती है, और विशेष रूप से आज के दिन की गई पूजा का प्रभाव भविष्य के कष्टों और बाधाओं को दूर करने में सहायक होता है..
आज का दिन न केवल देवी पूजा के कारण महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आत्म-चिंतन और आध्यात्मिक उन्नति के अवसर के रूप में भी देखा जाता है. धर्म गुरुओं के अनुसार माघ मास की इस दशमी तिथि पर संकल्प लेना, व्रत रखना और दान-पुण्य करना मनुष्य के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है. इस दिन किए गए पुण्य कार्य जीवन में संतुलन, सुकून और आध्यात्मिक ऊँचाइयों को प्राप्त करने में मदद करते हैं.
बुधवार को माँ के पूजन को विशेष शुभ माना जाता है. पंडितों का कहना है कि बुधवार के दिन देवी कमला और अन्य देवी-देवताओं की पूजा विशेष फल देती है और भाविकों की मनोकामनाएं तात्कालिक रूप से पूरी होती हैं. श्रद्धालु आज के दिन अपनी मनोवैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक समस्याओं का समाधान पाने की प्रार्थना में लीन हैं.
धार्मिक पंडितों एवं विद्वानों के अनुसार आज के दिन घर-घर में पूजा का माहौल और विशेष मंत्र जाप के साथ-साथ अन्नदान, वस्त्रदान, और विधि-विधान से की गई पूजा का पुण्य अत्यधिक फल देता है. भक्तजन मां कमला देवी की उपासना के साथ-साथ जया एकादशी व्रत की संभावित तिथि को लेकर भी जागरूक हैं और शुभ मुहूर्त के अनुसार पूजा-विधि का पालन कर रहे हैं. आम जनता के बीच यह दिन एक नई आस्था, सकारात्मक सोच और पारंपरिक धार्मिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने का प्रतीक बनकर उभरा है.


































