पाकिस्तान: बलूचिस्तान में गृहयुद्ध शुरू, बलूच विद्रोहियों ने 12 शहरों में एक साथ बोला हमला, कई पुलिस स्टेशन पर कब्जा

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इस्लामाबाद. पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में शनिवार (31 जनवरी 2026) सुबह बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने बड़े पैमाने पर समन्वित हमले किए. ऑपरेशन हेरॉफ के दूसरे चरण में क्वेटा, ग्वादर, चमन, पसनी, मस्तुंग, नुश्की, कलात, दल्बंदिन, खारान, टंप और अन्य 12 शहरों में पुलिस स्टेशन, सरकारी भवन और सुरक्षा बलों पर हमले हुए. बीएलए ने इसे निर्णायक दौर बताया है.

हमले सुबह करीब 6 बजे क्वेटा के सरयाब रोड पर पुलिस मोबाइल पर विस्फोट और गोलीबारी से शुरू हुए. दो घंटों तक गोलीबारी और कई धमाके हुए. विद्रोहियों ने मस्तुंग में पुलिस स्टेशन पर कब्जा कर लिया, जहां 30 से ज्यादा कैदी फरार हो गए. नुश्की में सीटीडी ऑफिस पर हमला हुआ, जहां 8 कर्मी मारे गए. ग्वादर, पसनी और कलात में भी फायरिंग और विस्फोट की रिपोर्ट आई. बीएलए कमांडर-इन-चीफ बशीर ज़ेब बलूच ने वीडियो में बलोच लोगों से विद्रोह में शामिल होने की अपील की. उन्होंने कहा, अगर लोग बाहर नहीं आएंगे तो इतिहास उनकी हार दर्ज करेगा. जो जान देते हैं और जान लेते हैं, वे इतिहास लिखते हैं.

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पाकिस्तानी सेना की प्रतिक्रिया

पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, हमलों में कम से कम 10 सुरक्षाकर्मी (पुलिस और पैरामिलिट्री) शहीद हुए, जबकि 37 विद्रोही मारे गए. क्वेटा में क्लियरेंस ऑपरेशन चल रहा है. पिछले 48 घंटों में सुरक्षा बलों ने 70 से ज्यादा विद्रोहियों को मार गिराने का दावा किया है. पूरे प्रांत में सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी लगाई गई है. मोबाइल फोन सर्विस काम कर रही है, लेकिन डेटा सेवाएं बंद हैं. पाकिस्तानी सेना ने कई पोस्ट छोड़कर पीछे हटने की खबरों को खारिज किया, लेकिन क्लियरेंस ऑपरेशन जारी हैं.

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दशकों से चल रहा है अलगाववादी

बलूचिस्तान में दशकों से अलगाववादी आंदोलन चल रहा है, जहां बीएलए जैसे समूह पाकिस्तान से अलग होने की मांग करते हैं. वे संसाधनों के शोषण और जबरन गायब करने का आरोप लगाते हैं. बीएलए को पाकिस्तान, अमेरिका और ब्रिटेन ने आतंकी संगठन घोषित किया है. हाल के महीनों में हमलों की तीव्रता बढ़ी है, जिसमें सीपैक प्रोजेक्ट्स और चीनी नागरिक भी निशाना बने हैं. बीएलए इसे न्याय की लड़ाई बताता है और खुद को चरमपंथी नहीं मानता.
 

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