नौतनवा रेलवे स्टेशन के निकट स्थित अंडरपास में जलभराव के कारण ग्रामीणों और राहगीरों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में हुई वर्षा के बाद से अंडरपास में जमा पानी अब तक नहीं निकाला गया है, जिससे लोगों की दैनिक आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। बरवा भोज, खैरटवा, मैनिहअवा, खोरिया, नरकटहा और अड्डा बाजार जैसे गांवों के निवासियों के लिए यह अंडरपास नगर आने-जाने का मुख्य मार्ग है। जलभराव के कारण ग्रामीणों को अब लगभग 25 किलोमीटर का अतिरिक्त लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जबकि सामान्य स्थिति में यह दूरी केवल 1-2 किलोमीटर थी। इससे उनके समय, ईंधन और श्रम की बर्बादी हो रही है। राहगीरों अनुज, कयाश, अर्स, विकास और विक्की ने बताया कि यह समस्या हर वर्ष बारिश के बाद उत्पन्न होती है। उनका आरोप है कि न तो रेलवे विभाग और न ही नगर पालिका ने इसके स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम उठाया है। स्थानीय निवासियों ने यह भी बताया कि अंडरपास में जलनिकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण हल्की बारिश में भी पानी भर जाता है। जलभराव के कारण कई बार दोपहिया वाहन फंस जाते हैं। राहगीरों को कीचड़ और मच्छरों की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी निकालने के लिए पंपिंग सेट या पाइपलाइन जैसी सुविधाएं अब तक नहीं लगाई गई हैं। उनका कहना है कि रेलवे विभाग और नगर पालिका के बीच समन्वय की कमी के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं की गई, तो विरोध प्रदर्शन करना पड़ेगा। स्थानीय निवासी रिकू कुमार गौड़ ने बताया कि हर वर्ष वर्षा के बाद यही स्थिति उत्पन्न होती है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने और रोगियों को अस्पताल पहुंचने में कठिनाई होती है। इस समस्या से राहगीर निरंतर जूझ रहे हैं। इस संबंध में, नगर पालिका अध्यक्ष वृजेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि रेलवे विभाग से बातचीत कर अंडरपास की सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था जल्द कराई जाएगी, ताकि राहगीरों को राहत मिल सके और आवागमन सुगम हो सके।
नौतनवा रेलवे अंडरपास में जलभराव: राहगीरों को आवाजाही में भारी परेशानी, 25 किमी अतिरिक्त चलना पड़ रहा – Nautanwa(Nautanwa) News
नौतनवा रेलवे स्टेशन के निकट स्थित अंडरपास में जलभराव के कारण ग्रामीणों और राहगीरों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में हुई वर्षा के बाद से अंडरपास में जमा पानी अब तक नहीं निकाला गया है, जिससे लोगों की दैनिक आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। बरवा भोज, खैरटवा, मैनिहअवा, खोरिया, नरकटहा और अड्डा बाजार जैसे गांवों के निवासियों के लिए यह अंडरपास नगर आने-जाने का मुख्य मार्ग है। जलभराव के कारण ग्रामीणों को अब लगभग 25 किलोमीटर का अतिरिक्त लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जबकि सामान्य स्थिति में यह दूरी केवल 1-2 किलोमीटर थी। इससे उनके समय, ईंधन और श्रम की बर्बादी हो रही है। राहगीरों अनुज, कयाश, अर्स, विकास और विक्की ने बताया कि यह समस्या हर वर्ष बारिश के बाद उत्पन्न होती है। उनका आरोप है कि न तो रेलवे विभाग और न ही नगर पालिका ने इसके स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम उठाया है। स्थानीय निवासियों ने यह भी बताया कि अंडरपास में जलनिकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण हल्की बारिश में भी पानी भर जाता है। जलभराव के कारण कई बार दोपहिया वाहन फंस जाते हैं। राहगीरों को कीचड़ और मच्छरों की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी निकालने के लिए पंपिंग सेट या पाइपलाइन जैसी सुविधाएं अब तक नहीं लगाई गई हैं। उनका कहना है कि रेलवे विभाग और नगर पालिका के बीच समन्वय की कमी के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं की गई, तो विरोध प्रदर्शन करना पड़ेगा। स्थानीय निवासी रिकू कुमार गौड़ ने बताया कि हर वर्ष वर्षा के बाद यही स्थिति उत्पन्न होती है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने और रोगियों को अस्पताल पहुंचने में कठिनाई होती है। इस समस्या से राहगीर निरंतर जूझ रहे हैं। इस संबंध में, नगर पालिका अध्यक्ष वृजेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि रेलवे विभाग से बातचीत कर अंडरपास की सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था जल्द कराई जाएगी, ताकि राहगीरों को राहत मिल सके और आवागमन सुगम हो सके।






































