
श्रावस्ती के हरदत्त नगर गिरंट थाना क्षेत्र के भजोरेपुरवा में किसान नेमराज पाठक की हत्या के दो सप्ताह बाद भी मामले का खुलासा नहीं हों सका है। 16 फरवरी की देर रात लूट के दौरान उनकी हत्या कर दी गई थी। 50 वर्षीय नेमराज पाठक घटना की रात अपने घर के बरामदे में सो रहे थे।उनके पुत्र सुनील पाठक और बहू लक्ष्मी कमरे में थे। रात करीब दो बजे चार अज्ञात बदमाश घर में घुस आए।आहट होने पर नेमराज की नींद खुल गई। विरोध करने पर बदमाशों ने उनका मुंह और गला दबाकर हत्या कर दी। शोर सुनकर बेटे सुनील ने कमरे का दरवाजा खोला। बाहर खड़े बदमाशों ने उसे कपड़े से दबोच कर बांध दिया।बहू लक्ष्मी के अनुसार,पति को बदमाशों के कब्जे में देख वह कमरे में बेड के नीचे छिप गई। बदमाशों के जाने के बाद वह बाहर निकली तो सुनील बंधा हुआ मिला और नेमराज खून से लथपथ पड़े थे। बदमाश करीब दो हजार रुपये नकद और कुछ जेवर लूटकर फरार हो गए। ग्रामीणों के मुताबिक,करीब पांच वर्ष पहले नेमराज का बड़ा बेटा सुशील पाठक लापता हो गया था। कुछ समय बाद उनकी पत्नी आशा बहू का भी निधन हो गया।पत्नी की मौत के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी नेमराज पर आ गई थी। दो वर्ष पूर्व उन्होंने छोटे बेटे की शादी की थी, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर बनी हुई थी।वह छह बीघा खेती के सहारे गांव के बाहर बने घर में रहकर परिवार का गुजारा कर रहे थे। महज दो हजार रुपये और जेवर की लूट के लिए हत्या किए जाने से गांव में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ ग्रामीण आंतरिक साजिश की आशंका जता रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि नेमराज ने शायद आरोपियों को पहचान लिया था, जिसके चलते उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संदिग्धों की तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं और जल्द घटना का खुलासा किया जाएगा। हालांकि, दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी मामले का खुलासा नहीं हो सका है, और लोगों को इस सनसनीखेज हत्याकांड से पर्दा उठने का इंतजार है।










































