भारत-नेपाल सीमा पर महराजगंज के सोनौली में डग्गामार बसों का अवैध संचालन तेजी से बढ़ रहा है। पहले ये बसें केवल सोनौली के निजी स्टैंड से चलती थीं, लेकिन अब एक संगठित सिंडिकेट इन्हें नेपाल ले जाकर सवारियां भरवा रहा है। ये बसें बिना किसी रोक-टोक के भारत में प्रवेश कर दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और गुजरात जैसे शहरों तक जा रही हैं। यह व्यवस्था न केवल परिवहन नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सीमा सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन गई है। सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), कस्टम, पुलिस और आव्रजन विभाग की तैनाती के बावजूद इन बसों की कोई जांच नहीं हो रही है और न ही यात्रियों के दस्तावेजों की औपचारिक पड़ताल की जा रही है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नेपाल से बिना जांच के भारत आने वाली ये बसें प्रतिबंधित सामान, अवैध वस्तुओं या संदिग्ध तत्वों के आवाजाही का जरिया बन सकती हैं। हाल ही में दिल्ली में हुए बम धमाके के बाद ऐसी बसों पर निगरानी की आवश्यकता और भी बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि एक बड़े सिंडिकेट की मिलीभगत से यह अवैध परिवहन धड़ल्ले से चल रहा है। उनके अनुसार, सिंडिकेट के लोग बसों को नेपाल ले जाकर वहां से सवारियां जुटाते हैं और फिर सीधे भारतीय क्षेत्र में दाखिल कर देते हैं। इस संबंध में, एआरटीओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि नेपाल से आने वाली डग्गामार बसों को रोककर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भारत-नेपाल सीमा पर डग्गामार बसों का अवैध संचालन: महराजगंज में सुरक्षा के लिए खतरा, दिल्ली तक जा रहीं बिना जांच – Maharajganj News
भारत-नेपाल सीमा पर महराजगंज के सोनौली में डग्गामार बसों का अवैध संचालन तेजी से बढ़ रहा है। पहले ये बसें केवल सोनौली के निजी स्टैंड से चलती थीं, लेकिन अब एक संगठित सिंडिकेट इन्हें नेपाल ले जाकर सवारियां भरवा रहा है। ये बसें बिना किसी रोक-टोक के भारत में प्रवेश कर दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और गुजरात जैसे शहरों तक जा रही हैं। यह व्यवस्था न केवल परिवहन नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सीमा सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन गई है। सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), कस्टम, पुलिस और आव्रजन विभाग की तैनाती के बावजूद इन बसों की कोई जांच नहीं हो रही है और न ही यात्रियों के दस्तावेजों की औपचारिक पड़ताल की जा रही है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नेपाल से बिना जांच के भारत आने वाली ये बसें प्रतिबंधित सामान, अवैध वस्तुओं या संदिग्ध तत्वों के आवाजाही का जरिया बन सकती हैं। हाल ही में दिल्ली में हुए बम धमाके के बाद ऐसी बसों पर निगरानी की आवश्यकता और भी बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि एक बड़े सिंडिकेट की मिलीभगत से यह अवैध परिवहन धड़ल्ले से चल रहा है। उनके अनुसार, सिंडिकेट के लोग बसों को नेपाल ले जाकर वहां से सवारियां जुटाते हैं और फिर सीधे भारतीय क्षेत्र में दाखिल कर देते हैं। इस संबंध में, एआरटीओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि नेपाल से आने वाली डग्गामार बसों को रोककर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।









































