
श्रावस्ती में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस दौरान शीतलहर से बचाव की तैयारियों की समीक्षा की गई और विभागवार निर्देश जारी किए गए। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को कंबल वितरण और अलाव जलवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और संयुक्त जिला चिकित्सालय में मरीजों व तीमारदारों के लिए कंबल, हीटर और अलाव की व्यवस्था करने को कहा गया। पशुशालाओं में जानवरों को ठंड से बचाने के लिए चारा-पानी और तिरपाल के प्रबंध करने के निर्देश दिए गए। गौशालाओं में रेडक्रॉस के माध्यम से भी तिरपाल उपलब्ध कराने को कहा गया। कृषि विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से उपयोगी एडवाइजरी जारी करने के निर्देश दिए गए। आपदा विभाग को एनआईसी के माध्यम से अधिक से अधिक नागरिकों को एसएमएस पूल से जोड़ने का निर्देश दिया गया। अग्निशमन विभाग को जागरूकता अभियान चलाने और अग्निशमन यंत्रों की जांच करने के लिए कहा गया। जिलाधिकारी ने जोर देते हुए कहा कि शीतलहर से जनहानि और पशुहानि रोकने के लिए सभी तैयारियां पूरी की जाएं और उनकी सतत निगरानी की जाए। अपर जिलाधिकारी अमरेन्द्र कुमार वर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन तीन दिनों के भीतर किया जाए। उन्होंने निराश्रित एवं कमजोर वर्ग के नागरिकों को कंबल वितरण के लिए ‘आपदा प्रहरी एप’ का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने पर जोर दिया। साथ ही, जलाए गए सभी अलाव की जानकारी भी इसी एप के माध्यम से दर्ज करने को कहा। बैठक के अंत में, वर्ष 2024 की बाढ़ आपदा में सराहनीय कार्य करने के लिए अपर जिलाधिकारी अमरेन्द्र कुमार वर्मा, एसडीएम संजय कुमार राय, एसडीएम ओमप्रकाश, एसडीएम पीयूष जायसवाल और आपदा विशेषज्ञ अरुण कुमार मिश्र को सम्मानित किया गया।








































