श्रावस्ती के ऐतिहासिक बौद्ध स्थल सहेट-महेट में नववर्ष 2026 पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से देर शाम तक देशी-विदेशी पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों का आगमन जारी रहा। भगवान गौतम बुद्ध की तपोस्थली के रूप में विख्यात सहेट-महेट परिसर में श्रद्धालुओं ने शांति, सद्भाव और विश्व कल्याण की कामना के साथ पूजा-अर्चना की। विशेष रूप से अंगुलिमाल की गुफा पर बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक पहुंचे। विदेशी पर्यटकों ने यहां बुद्ध वंदना, ध्यान और प्रार्थना कर नववर्ष का आध्यात्मिक आरंभ किया। थाईलैंड, श्रीलंका, म्यांमार और जापान सहित कई देशों से आए श्रद्धालुओं ने बौद्ध परंपराओं के अनुसार पूजा-पाठ किया। इन पर्यटकों ने सहेट-महेट की आध्यात्मिक महत्ता की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह स्थल न केवल बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र है, बल्कि विश्व शांति का संदेश भी देता है। नववर्ष के अवसर पर पूरे परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी सतर्कता बरती। पुलिस बल की तैनाती के साथ यातायात और भीड़ प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था की गई, ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। पर्यटकों की बढ़ती संख्या से स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों में भी उत्साह देखा गया। स्थानीय बाजारों में रौनक रही और श्रद्धालुओं ने स्मृति चिन्ह, धार्मिक पुस्तकें तथा प्रसाद की खरीदारी की। इस प्रकार, नववर्ष 2026 का शुभारंभ श्रावस्ती के सहेट-महेट में श्रद्धा और सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ, जिसने इस पावन भूमि की वैश्विक पहचान को और सुदृढ़ किया।
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