बहराइच जनपद के कतर्नियाघाट जंगल क्षेत्र स्थित चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज पर गुरुवार को नए साल का जश्न मनाने हजारों की संख्या में स्थानीय व दूरदराज के पर्यटक पहुंचे। इस वर्ष बैराज पर पिछले कई सालों की तुलना में अधिक भीड़ देखी गई। देखें, 2 तस्वीरें… बैराज के सभी किनारों पर चार पहिया वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। बैराज के रास्तों और नदी के किनारे सैलानियों का हुजूम उमड़ा रहा। सुबह से ही बैराज के तीन अलग-अलग हिस्सों में दुकानें सजी थीं, जिससे पूरे क्षेत्र में मेले जैसा माहौल बन गया। थानाध्यक्ष सुजौली प्रकाश चंद्र शर्मा के नेतृत्व में पुलिस बल और पीएसी के जवान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहे। हालांकि, कतर्नियाघाट एंट्री गेट से लगभग 500 मीटर दूर तक वाहनों का लंबा जाम भी लगा रहा। कुछ सैलानियों ने जंगल सफारी और बोटिंग का लुत्फ उठाया, जबकि कई स्थानीय व दूरदराज के पर्यटक घड़ियाल सेंटर और नावघाट पर घूमने पहुंचे। उन्होंने नए साल का जश्न मनाते हुए खूब आनंद लिया। नए साल के अवसर पर कतर्नियाघाट का घड़ियाल सेंटर और घाघरा बैराज पर्यटकों व स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बने रहे।
कतर्नियाघाट व घाघरा बैराज पर उमड़ा सैलानियों का हुजूम: बहराइच में नए साल पर हजारों पर्यटक पहुंचे, मेले जैसा रहा माहौल – Mihinpurwa Motipur News
बहराइच जनपद के कतर्नियाघाट जंगल क्षेत्र स्थित चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज पर गुरुवार को नए साल का जश्न मनाने हजारों की संख्या में स्थानीय व दूरदराज के पर्यटक पहुंचे। इस वर्ष बैराज पर पिछले कई सालों की तुलना में अधिक भीड़ देखी गई। देखें, 2 तस्वीरें… बैराज के सभी किनारों पर चार पहिया वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। बैराज के रास्तों और नदी के किनारे सैलानियों का हुजूम उमड़ा रहा। सुबह से ही बैराज के तीन अलग-अलग हिस्सों में दुकानें सजी थीं, जिससे पूरे क्षेत्र में मेले जैसा माहौल बन गया। थानाध्यक्ष सुजौली प्रकाश चंद्र शर्मा के नेतृत्व में पुलिस बल और पीएसी के जवान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहे। हालांकि, कतर्नियाघाट एंट्री गेट से लगभग 500 मीटर दूर तक वाहनों का लंबा जाम भी लगा रहा। कुछ सैलानियों ने जंगल सफारी और बोटिंग का लुत्फ उठाया, जबकि कई स्थानीय व दूरदराज के पर्यटक घड़ियाल सेंटर और नावघाट पर घूमने पहुंचे। उन्होंने नए साल का जश्न मनाते हुए खूब आनंद लिया। नए साल के अवसर पर कतर्नियाघाट का घड़ियाल सेंटर और घाघरा बैराज पर्यटकों व स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बने रहे।






































