बलरामपुर में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 10 दिवसीय कौशल वृद्धि प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 30 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 8 जनवरी 2026 तक चलेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है, ताकि वे भविष्य में अपना स्वयं का स्वरोजगार शुरू कर सकें। प्रशिक्षण में भाग ले रहीं महिलाओं ने बताया कि यह उनके लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। प्रशिक्षणार्थी रेहाना बेगम ने जानकारी दी कि वह दर्जी (टेलरिंग) का कौशल वृद्धि प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वह अपना रोजगार शुरू करेंगी और दूसरों को भी काम देंगी। लाभार्थियों को प्रशिक्षण के दौरान टूलकिट भी प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षक शशि चौधरी ने बताया कि इस कार्यक्रम में 25 लोगों का एक बैच है। वर्तमान में प्रशिक्षण का चौथा दिन चल रहा है, जिसमें कपड़ों की कटिंग सिखाई जा रही है। आज के सत्र में विशेष रूप से बेल्ट वाली सलवार की कटिंग का अभ्यास कराया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।
बलरामपुर में 10 दिवसीय कौशल प्रशिक्षण जारी:विश्वकर्मा योजना के तहत महिलाएं सीख रहीं सिलाई, आत्मनिर्भर बनने की पहल
बलरामपुर में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 10 दिवसीय कौशल वृद्धि प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 30 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 8 जनवरी 2026 तक चलेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है, ताकि वे भविष्य में अपना स्वयं का स्वरोजगार शुरू कर सकें। प्रशिक्षण में भाग ले रहीं महिलाओं ने बताया कि यह उनके लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। प्रशिक्षणार्थी रेहाना बेगम ने जानकारी दी कि वह दर्जी (टेलरिंग) का कौशल वृद्धि प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वह अपना रोजगार शुरू करेंगी और दूसरों को भी काम देंगी। लाभार्थियों को प्रशिक्षण के दौरान टूलकिट भी प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षक शशि चौधरी ने बताया कि इस कार्यक्रम में 25 लोगों का एक बैच है। वर्तमान में प्रशिक्षण का चौथा दिन चल रहा है, जिसमें कपड़ों की कटिंग सिखाई जा रही है। आज के सत्र में विशेष रूप से बेल्ट वाली सलवार की कटिंग का अभ्यास कराया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।






































