बहराइच के शिवपुर ब्लॉक क्षेत्र स्थित एकघरा ग्राम पंचायत में तपसी बाबा स्थान पर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। ग्रामीणों के सहयोग से आयोजित इस संगीतमय कथा के तीसरे दिन नैमिष शरण से आए कथावाचक राधे प्रिय इंदु ने महाराजा परीक्षित की कथा सुनाई। कथावाचक राधे प्रिय इंदु ने बताया कि महाराजा परीक्षित अभिमन्यु के पुत्र और एक धर्मनिष्ठ राजा थे। उन्हें श्रृंगी ऋषि के श्राप के कारण तक्षक नाग ने डसा था। मृत्युशैया पर रहते हुए, उन्होंने अपने अंतिम सात दिनों में सुखदेव गोस्वामी से श्रीमद्भागवत कथा सुनी, जिससे उन्हें मोक्ष प्राप्त हुआ। इसी दौरान उनके राज्य में कलयुग का प्रवेश हुआ। उन्होंने कथा का सार समझाते हुए कहा कि यह कथा दर्शाती है कि कैसे एक भूल के कारण मिले श्राप के बाद राजा परीक्षित ने आध्यात्मिक मार्ग अपनाया। भागवत कथा के श्रवण से उन्हें उद्धार मिला। यह कथा मनुष्य को भक्ति और वैराग्य का मार्ग दिखाती है। कथा के मुख्य यजमान कृष्ण कुमार वर्मा ने जानकारी दी कि यह आयोजन सभी ग्रामवासियों के सहयोग से संपन्न कराया जा रहा है। कथा का समापन सात जनवरी को हवन और विशाल भंडारे के साथ होगा।
एकघरा में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन: कथावाचक ने सुनाई महाराजा परीक्षित की कथा – Majha Dariyaburd(Nanpara) News
बहराइच के शिवपुर ब्लॉक क्षेत्र स्थित एकघरा ग्राम पंचायत में तपसी बाबा स्थान पर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। ग्रामीणों के सहयोग से आयोजित इस संगीतमय कथा के तीसरे दिन नैमिष शरण से आए कथावाचक राधे प्रिय इंदु ने महाराजा परीक्षित की कथा सुनाई। कथावाचक राधे प्रिय इंदु ने बताया कि महाराजा परीक्षित अभिमन्यु के पुत्र और एक धर्मनिष्ठ राजा थे। उन्हें श्रृंगी ऋषि के श्राप के कारण तक्षक नाग ने डसा था। मृत्युशैया पर रहते हुए, उन्होंने अपने अंतिम सात दिनों में सुखदेव गोस्वामी से श्रीमद्भागवत कथा सुनी, जिससे उन्हें मोक्ष प्राप्त हुआ। इसी दौरान उनके राज्य में कलयुग का प्रवेश हुआ। उन्होंने कथा का सार समझाते हुए कहा कि यह कथा दर्शाती है कि कैसे एक भूल के कारण मिले श्राप के बाद राजा परीक्षित ने आध्यात्मिक मार्ग अपनाया। भागवत कथा के श्रवण से उन्हें उद्धार मिला। यह कथा मनुष्य को भक्ति और वैराग्य का मार्ग दिखाती है। कथा के मुख्य यजमान कृष्ण कुमार वर्मा ने जानकारी दी कि यह आयोजन सभी ग्रामवासियों के सहयोग से संपन्न कराया जा रहा है। कथा का समापन सात जनवरी को हवन और विशाल भंडारे के साथ होगा।









































