महसी विकासखंड की ग्राम पंचायत कोटिया के मजरा बालक रामपुरवा में एक नाले के निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत अधिकारी पर निजी भूमि पर बिना अनुमति नाला बनाने का आरोप लगाया है। आशीष कुमार पुत्र राम भरोसे ने बताया कि नाले का प्रस्ताव उनकी संयुक्त खाते की गाटा संख्या 1260 और खतौनी संख्या 1440 पर किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत अधिकारी शत्रोहन लाल ने बिना किसी पूर्व सूचना के उनकी निजी जमीन पर जबरन नाले का निर्माण शुरू करवा दिया। आशीष के अनुसार, इस जमीन पर उनके तीन भाइयों का भी हिस्सा है। तिलकराम और सुरसती नामक अन्य ग्रामीणों ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बिना किसी सूचना के उनके खेत में भी नाला कटवा दिया गया है, जबकि उनके पास भी अपनी जमीन के खतौनी नंबर मौजूद हैं। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) महसी, अरुण कुमार श्रीवास्तव से जानकारी ली गई। उन्होंने बताया कि उन्हें मौके पर सेक्रेटरी को भेजा है और काम रुकवा दिया गया है। बीडीओ ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच करवाई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने पहले ही एसडीएम महसी और बीडीओ को इस संबंध में आवेदन दिया था। इसके बावजूद, नाले का काम जारी था। ग्रामीणों के मौके पर पहुंचने के बाद ही काम रोका गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह कार्य जबरन किया जा रहा था। यह सवाल उठता है कि ग्राम पंचायत अधिकारी बिना उचित जांच और नक्शे का अवलोकन किए किसी निजी खतौनी नंबर पर ऐसे प्रस्ताव कैसे कर सकते हैं, और इतनी बड़ी चूक के बावजूद उस पर जबरन कार्य कैसे किया जा रहा था।
महसी के कोटिया गांव में नाला निर्माण: निजी जमीन पर जबरन निर्माण का आरोप, अधिकारी पर सवाल – Mahsi News
महसी विकासखंड की ग्राम पंचायत कोटिया के मजरा बालक रामपुरवा में एक नाले के निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत अधिकारी पर निजी भूमि पर बिना अनुमति नाला बनाने का आरोप लगाया है। आशीष कुमार पुत्र राम भरोसे ने बताया कि नाले का प्रस्ताव उनकी संयुक्त खाते की गाटा संख्या 1260 और खतौनी संख्या 1440 पर किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत अधिकारी शत्रोहन लाल ने बिना किसी पूर्व सूचना के उनकी निजी जमीन पर जबरन नाले का निर्माण शुरू करवा दिया। आशीष के अनुसार, इस जमीन पर उनके तीन भाइयों का भी हिस्सा है। तिलकराम और सुरसती नामक अन्य ग्रामीणों ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बिना किसी सूचना के उनके खेत में भी नाला कटवा दिया गया है, जबकि उनके पास भी अपनी जमीन के खतौनी नंबर मौजूद हैं। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) महसी, अरुण कुमार श्रीवास्तव से जानकारी ली गई। उन्होंने बताया कि उन्हें मौके पर सेक्रेटरी को भेजा है और काम रुकवा दिया गया है। बीडीओ ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच करवाई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने पहले ही एसडीएम महसी और बीडीओ को इस संबंध में आवेदन दिया था। इसके बावजूद, नाले का काम जारी था। ग्रामीणों के मौके पर पहुंचने के बाद ही काम रोका गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह कार्य जबरन किया जा रहा था। यह सवाल उठता है कि ग्राम पंचायत अधिकारी बिना उचित जांच और नक्शे का अवलोकन किए किसी निजी खतौनी नंबर पर ऐसे प्रस्ताव कैसे कर सकते हैं, और इतनी बड़ी चूक के बावजूद उस पर जबरन कार्य कैसे किया जा रहा था।






































