बलरामपुर पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा सशक्तिकरण के लिए मिशन शक्ति अभियान (फेज-5.0) के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं को भयमुक्त वातावरण प्रदान करना और उन्हें उनके अधिकारों तथा उपलब्ध सुरक्षा सेवाओं के प्रति जागरूक करना है। पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विकास कुमार के निर्देश पर और मिशन शक्ति के नोडल प्रभारी, अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय के नेतृत्व में महिला सुरक्षा दल गठित किए गए। इन दलों ने स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों और ग्राम चौपालों में जाकर महिलाओं व बालिकाओं से सीधा संवाद किया। महिला बीट अधिकारियों ने ग्राम चौपालों में महिलाओं की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का त्वरित निस्तारण भी किया। कार्यक्रमों के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। इनमें वूमेन पावर लाइन 1090, पुलिस आपात सेवा 112, एम्बुलेंस सेवा 108, चाइल्ड लाइन 1098, स्वास्थ्य सेवा 102, महिला हेल्पलाइन 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और साइबर हेल्पलाइन 1930 शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, गुड टच-बैड टच, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध (डिजिटल अरेस्ट), महिला अधिकारों और संबंधित कानूनी प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए पम्पलेट भी वितरित किए गए। प्रतिभागियों को थाना स्तर पर स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों के उद्देश्य, कार्यप्रणाली और उपलब्ध सेवाओं से भी अवगत कराया गया। पुलिस ने बताया कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को आत्मनिर्भर तथा सुरक्षित बनाने का प्रयास लगातार जारी रहेगा। इसका लक्ष्य उन्हें भयमुक्त, सम्मानजनक और स्वाभिमानी जीवन जीने में सक्षम बनाना है।
पुलिस ने मिशन शक्ति अभियान चलाया:बलरामपुर में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर जागरूकता कार्यक्रम
बलरामपुर पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा सशक्तिकरण के लिए मिशन शक्ति अभियान (फेज-5.0) के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं को भयमुक्त वातावरण प्रदान करना और उन्हें उनके अधिकारों तथा उपलब्ध सुरक्षा सेवाओं के प्रति जागरूक करना है। पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विकास कुमार के निर्देश पर और मिशन शक्ति के नोडल प्रभारी, अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय के नेतृत्व में महिला सुरक्षा दल गठित किए गए। इन दलों ने स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों और ग्राम चौपालों में जाकर महिलाओं व बालिकाओं से सीधा संवाद किया। महिला बीट अधिकारियों ने ग्राम चौपालों में महिलाओं की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का त्वरित निस्तारण भी किया। कार्यक्रमों के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। इनमें वूमेन पावर लाइन 1090, पुलिस आपात सेवा 112, एम्बुलेंस सेवा 108, चाइल्ड लाइन 1098, स्वास्थ्य सेवा 102, महिला हेल्पलाइन 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और साइबर हेल्पलाइन 1930 शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, गुड टच-बैड टच, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध (डिजिटल अरेस्ट), महिला अधिकारों और संबंधित कानूनी प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए पम्पलेट भी वितरित किए गए। प्रतिभागियों को थाना स्तर पर स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों के उद्देश्य, कार्यप्रणाली और उपलब्ध सेवाओं से भी अवगत कराया गया। पुलिस ने बताया कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को आत्मनिर्भर तथा सुरक्षित बनाने का प्रयास लगातार जारी रहेगा। इसका लक्ष्य उन्हें भयमुक्त, सम्मानजनक और स्वाभिमानी जीवन जीने में सक्षम बनाना है।









































