बरगदवां थाना क्षेत्र में एक दिव्यांग व्यक्ति से मारपीट का मामला सामने आया है। दीवार निर्माण रोकने गए दिव्यांग शेखरचंद अग्रहरी को उनके पड़ोसी प्रदीप वर्मा और उनके पुत्र मृत्युंजय सोनकर ने कथित तौर पर पीटा। इस मामले में पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पीड़ित शेखरचंद अग्रहरी ने बताया कि वह शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं और उनका मकान नौतनवा-ठूठीबारी मार्ग पर स्थित है। उनके पड़ोसी प्रदीप वर्मा ने करीब सात महीने पहले उनके मकान की तरफ दूसरी मंजिल पर अवैध रूप से एक खिड़की खोल ली थी। इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई थी और सुलह समझौते के तहत खिड़की बंद करने पर सहमति बनी थी, लेकिन इसे बंद नहीं किया गया। 28 दिसंबर को जब विपक्षी प्रदीप वर्मा अपने मकान के आगे दीवार का निर्माण करा रहे थे, तब शेखरचंद अग्रहरी उन्हें रोकने गए। आरोप है कि प्रदीप वर्मा और उनके पुत्र मृत्युंजय सोनकर ने उन्हें गाली दी और लाठी-डंडे लेकर मारने दौड़े। शेखरचंद अग्रहरी भागकर अपने घर में घुस गए, लेकिन पिता-पुत्र उनके घर में घुस गए और उन्हें लात-घूंसे व थप्पड़ों से पीटा। इसके बाद उन्हें घर से बाहर खींचकर भी मारा-पीटा गया। शेखरचंद के शोर मचाने पर उनके भतीजे विकास अग्रहरी बीच-बचाव करने आए, तो उन्हें भी पीटा गया। इस मारपीट में शेखरचंद और उनके भतीजे दोनों को चोटें आई हैं। बरगदवां थानाध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार शुक्ला ने बताया कि आरोपी प्रदीप वर्मा और मृत्युंजय सोनकर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
बरगदवां में दिव्यांग को घर में घुसकर पीटा: अवैध दीवार निर्माण रोकने गए थे, पिता-पुत्र पर केस दर्ज – Bargadwa Bazar(Nautanwa) News
बरगदवां थाना क्षेत्र में एक दिव्यांग व्यक्ति से मारपीट का मामला सामने आया है। दीवार निर्माण रोकने गए दिव्यांग शेखरचंद अग्रहरी को उनके पड़ोसी प्रदीप वर्मा और उनके पुत्र मृत्युंजय सोनकर ने कथित तौर पर पीटा। इस मामले में पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पीड़ित शेखरचंद अग्रहरी ने बताया कि वह शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं और उनका मकान नौतनवा-ठूठीबारी मार्ग पर स्थित है। उनके पड़ोसी प्रदीप वर्मा ने करीब सात महीने पहले उनके मकान की तरफ दूसरी मंजिल पर अवैध रूप से एक खिड़की खोल ली थी। इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई थी और सुलह समझौते के तहत खिड़की बंद करने पर सहमति बनी थी, लेकिन इसे बंद नहीं किया गया। 28 दिसंबर को जब विपक्षी प्रदीप वर्मा अपने मकान के आगे दीवार का निर्माण करा रहे थे, तब शेखरचंद अग्रहरी उन्हें रोकने गए। आरोप है कि प्रदीप वर्मा और उनके पुत्र मृत्युंजय सोनकर ने उन्हें गाली दी और लाठी-डंडे लेकर मारने दौड़े। शेखरचंद अग्रहरी भागकर अपने घर में घुस गए, लेकिन पिता-पुत्र उनके घर में घुस गए और उन्हें लात-घूंसे व थप्पड़ों से पीटा। इसके बाद उन्हें घर से बाहर खींचकर भी मारा-पीटा गया। शेखरचंद के शोर मचाने पर उनके भतीजे विकास अग्रहरी बीच-बचाव करने आए, तो उन्हें भी पीटा गया। इस मारपीट में शेखरचंद और उनके भतीजे दोनों को चोटें आई हैं। बरगदवां थानाध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार शुक्ला ने बताया कि आरोपी प्रदीप वर्मा और मृत्युंजय सोनकर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।









































