सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 59वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), नानपारा ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। बहराइच के ग्राम लौकाही में आयोजित 15 दिवसीय इलेक्ट्रीशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन हो गया है, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्र के 15 युवाओं ने तकनीकी ज्ञान प्राप्त किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 59वीं वाहिनी के कमांडेंट कैलाश चंद रमोला के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इसमें प्रतिभागियों को विद्युत सुरक्षा मानकों, घरेलू व व्यावसायिक वायरिंग, विद्युत उपकरणों की स्थापना, मरम्मत और रखरखाव से संबंधित व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने युवाओं को दक्ष बनाने पर विशेष ध्यान दिया। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर कार्यवाहक कमांडेंट पंकज कुमार ठाकुर और भारतीय स्टेट बैंक नानपारा की प्रबंधक श्रद्धा शुक्ला विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। अतिथियों ने सभी प्रशिक्षित युवाओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वक्ताओं ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे कौशल विकास कार्यक्रम सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाते हैं। ये कार्यक्रम उन्हें स्वरोजगार और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर प्रदान करने में सहायक हैं, जिससे युवाओं में आत्मविश्वास और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ती है। 59वीं वाहिनी एसएसबी ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास और युवाओं के उत्थान के उद्देश्य से भविष्य में भी इसी प्रकार के जनकल्याणकारी और कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।
59वीं एसएसबी की पहल से सीमावर्ती युवाओं को मिला हुनर: लौकाही गांव में 15 दिवसीय इलेक्ट्रीशियन प्रशिक्षण का सफल समापन – Mihinpurwa(Bahraich) News
सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 59वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), नानपारा ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। बहराइच के ग्राम लौकाही में आयोजित 15 दिवसीय इलेक्ट्रीशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन हो गया है, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्र के 15 युवाओं ने तकनीकी ज्ञान प्राप्त किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 59वीं वाहिनी के कमांडेंट कैलाश चंद रमोला के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इसमें प्रतिभागियों को विद्युत सुरक्षा मानकों, घरेलू व व्यावसायिक वायरिंग, विद्युत उपकरणों की स्थापना, मरम्मत और रखरखाव से संबंधित व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने युवाओं को दक्ष बनाने पर विशेष ध्यान दिया। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर कार्यवाहक कमांडेंट पंकज कुमार ठाकुर और भारतीय स्टेट बैंक नानपारा की प्रबंधक श्रद्धा शुक्ला विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। अतिथियों ने सभी प्रशिक्षित युवाओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वक्ताओं ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे कौशल विकास कार्यक्रम सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाते हैं। ये कार्यक्रम उन्हें स्वरोजगार और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर प्रदान करने में सहायक हैं, जिससे युवाओं में आत्मविश्वास और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ती है। 59वीं वाहिनी एसएसबी ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास और युवाओं के उत्थान के उद्देश्य से भविष्य में भी इसी प्रकार के जनकल्याणकारी और कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।






































