भिनगा के तत्वावधान में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 62वीं वाहिनी, 2 जनवरी 2026 को सीमावर्ती गांवों ककरदारी और अशनहरिया में एक पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर कमान्डेंट 62वीं वाहिनी के दिशा-निर्देशन में आयोजित हुआ। शिविर में सोनवा के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. इमरान खान और वाहिनी की पशु चिकित्सा टीम (मुख्य आरक्षी हंसराज, आरक्षी सिद्धांत) ने सेवाएं दीं। इस दौरान 58 ग्रामीणों के कुल 366 पशुओं की स्वास्थ्य जांच की गई। पशुपालकों को निःशुल्क परामर्श और आवश्यक दवाएं भी वितरित की गईं। डॉ. इमरान खान ने पशुपालकों को संबोधित करते हुए पशु स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पशुओं का स्वास्थ्य सीधे परिवार की आजीविका से जुड़ा होता है। उन्होंने समय पर टीकाकरण, साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल और संतुलित आहार उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. खान ने पशुओं में रोग के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी। उन्होंने स्वयं दवाइयों का प्रयोग न करने की चेतावनी दी, जिससे पशुओं को गंभीर नुकसान से बचाया जा सके और दूध उत्पादन व पशुधन की गुणवत्ता में सुधार हो। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में पशुपालकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना था। इसका लक्ष्य पशुओं में होने वाली बीमारियों की रोकथाम करना और ग्रामीणों को पशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना भी था। इस जन-कल्याणकारी पहल से ग्रामीणों में संतोष और उत्साह का माहौल देखा गया। ग्रामीणों ने सशस्त्र सीमा बल के इस सामाजिक प्रयास की सराहना करते हुए बल के प्रति आभार व्यक्त किया।









































