महसी में मनरेगा कार्य में भ्रष्टाचार का आरोप: बाहरी मजदूरों से काम, जांच जारी – Mahsi News

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उत्तर प्रदेश के महसी विकासखंड की ग्राम पंचायत कोटिया में मनरेगा के तहत नाले के निर्माण कार्य में बड़े भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस कार्य में स्थानीय मजदूरों के बजाय बाहरी मजदूरों से काम कराया जा रहा है, जबकि गांव की महिलाओं को सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए 50 रुपए दिए जा रहे हैं। बालकरामपुरवा की निवासी रीता और राम दुलारी ने बताया कि उन्हें दो दिन के लिए ले जाया गया और 100 रुपये दिए गए, यह कहकर कि सिर्फ फोटो खिंचवाना है, काम नहीं करना। सुधा देवी और केसरी ने भी इसी तरह सिर्फ फोटो खींचने के लिए 50 रुपये मिलने की बात कही। वनदेवी ने बताया कि प्रधान उन्हें 50 रुपए देकर सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए ले जाते हैं। जब स्थानीय ग्रामीणों ने काम करने की इच्छा जताई, तो ठेकेदार ने कथित तौर पर कहा कि यह मनरेगा का कार्य है और इसका भुगतान 6 महीने से एक साल बाद आता है। ठेकेदार ने यह भी कहा कि अगर स्थानीय लोगों को काम दिया गया, तो वे रोजाना पैसे मांगेंगे। इस संबंध में जब ग्राम पंचायत अधिकारी सत्रोहन लाल से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि कार्य रुकवा दिया गया है और उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। अधिकारी के इस बयान से सवाल खड़े हो रहे हैं कि उन्हें अपनी ही ग्राम पंचायत में चल रहे कार्यों में धांधलेबाजी की जानकारी क्यों नहीं है। आरोप है कि यह कार्य ठेके पर कराया जा रहा है और केवल कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए 50 रुपये प्रतिदिन देकर फोटो खिंचवाए जा रहे हैं। स संबंध में जब बीडीओ महसी अरुण कुमार श्रीवास्तव से पुष्टि करने के लिए बात किया गया तो आग बगुला हो गए और कहां की इस संबंध में मुझसे बात मत करिए मुझे कोई जानकारी नहीं जब कहा गया की ₹50 पर महिलाओं फोटो खींचने के लिए दिया जाता है और अन्य गांव से लोग आकर कार्य करते हैं तो उन्होंने कहा कि मैं कोई ऑफिस में बैठा दिव्या दृष्टि नहीं लगाए हुए हूं और मुझे कोई जानकारी नहीं है। वहां पर काम पूरी तरीके से बंद है जबकि 40 से 50 मीटर तक नाला खुदाई का कार्य भी हो चुका है। इस तरीके की भाषा शैली से स्पष्ट जाहिर होता है कि कहीं ना कहीं अपनी कमियों को छुपाने के लिए बीडीओ साहब लगे हुए हैं और संलिप्त दिखाई दे रही है।
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