
जमधरा गांव में ग्रामीण गंदगी और जल निकासी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नियमित साफ-सफाई न होने के कारण गांव में चारों ओर गंदगी का अंबार लगा है, जिससे लगातार दुर्गंध उठ रही है। शिवकुमार गुप्ता और रामकिशोर गौतम ने बताया कि गांव की नालियां पूरी तरह चोक हो चुकी हैं। इसके परिणामस्वरूप गंदा पानी ओवरफ्लो होकर रास्तों पर भर जाता है। इससे बच्चों और बुजुर्गों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है, विशेषकर रात के समय इन रास्तों पर चलना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर उनकी समस्याओं का समाधान न करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कई बार साफ-सफाई कराने की मांग की गई, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। साथ ही, सफाईकर्मी भी गांव में नियमित रूप से नहीं आते हैं। काशी राम यादव और राजकुमार यादव ने चेतावनी दी है कि यदि इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो ग्रामीण आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहेंगे और उच्चाधिकारियों से मदद की गुहार लगा रहे हैं। सीता राम यादव ने गांव की एक और प्रमुख समस्या की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि गांव में आने-जाने के लिए एकमात्र कच्ची सड़क है, जिससे लोगों को आवागमन में काफी असुविधा होती है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों से इस मार्ग को सीसी रोड में बदलने की मांग की है, लेकिन इस पर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया है।








































