विकास खंड खुनियांव के ग्राम सभा करही में 2 जनवरी 2026 को ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। यह आयोजन सरकारी योजनाओं की जानकारी देने और ग्रामीण जनता तथा प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम बना। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) सहित विकास अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी इस चौपाल में उपस्थित रहे। चौपाल में अपने संबोधन में सीडीओ ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नए स्वरूप की जानकारी दी। अब इस योजना को ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी संक्षेप में ‘वीबी-जी राम जी’ के नाम से जाना जाएगा। यह बदलाव ‘विकसित भारत 2047’ के विजन से प्रेरित है।नई योजना में ग्रामीण रोजगार को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और अवसंरचना से जुड़े कार्यों पर केंद्रित किया गया है। इसमें रोजगार के गारंटीड दिन 100 से बढ़ाकर 125 कर दिए गए हैं, जिससे ग्रामीण परिवारों को मजबूत आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। सीडीओ ने स्पष्ट किया कि यह केवल नाम में बदलाव नहीं, बल्कि योजना को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप मजबूत बनाने का प्रयास है। इसके साथ ही, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत महिलाओं और युवाओं को स्वावलंबी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। सीडीओ ने ग्रामीण महिलाओं को कुटीर उद्योग स्थापित करने, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के माध्यम से उद्यमिता अपनाने और कौशल विकास प्रशिक्षण लेने की सलाह दी। अपने वक्तव्य के बाद सीडीओ कुछ महिलाओं को फल दान भी किए मौके पर मौजूद विकास खण्ड खुनियांव के सी डी पी ओ अरशद खान वा विकास योजनाओं से संबंधित समस्त अधिकारी उपस्थित रहे वर्तमान ग्राम प्रधान शमशुद्दीन इद्रीशी ने बताया की हम समस्त ग्रामवासियों की समस्याएं सुन संबंधित अधिकारियों से समस्या के समाधान के लिए अनुरोध करते हैं और आगे करते रहेंगे
करही में ग्राम चौपाल का आयोजन:मनरेगा का नया स्वरूप, रोजगार के दिन बढ़े
विकास खंड खुनियांव के ग्राम सभा करही में 2 जनवरी 2026 को ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। यह आयोजन सरकारी योजनाओं की जानकारी देने और ग्रामीण जनता तथा प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम बना। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) सहित विकास अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी इस चौपाल में उपस्थित रहे। चौपाल में अपने संबोधन में सीडीओ ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नए स्वरूप की जानकारी दी। अब इस योजना को ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी संक्षेप में ‘वीबी-जी राम जी’ के नाम से जाना जाएगा। यह बदलाव ‘विकसित भारत 2047’ के विजन से प्रेरित है।नई योजना में ग्रामीण रोजगार को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और अवसंरचना से जुड़े कार्यों पर केंद्रित किया गया है। इसमें रोजगार के गारंटीड दिन 100 से बढ़ाकर 125 कर दिए गए हैं, जिससे ग्रामीण परिवारों को मजबूत आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। सीडीओ ने स्पष्ट किया कि यह केवल नाम में बदलाव नहीं, बल्कि योजना को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप मजबूत बनाने का प्रयास है। इसके साथ ही, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत महिलाओं और युवाओं को स्वावलंबी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। सीडीओ ने ग्रामीण महिलाओं को कुटीर उद्योग स्थापित करने, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के माध्यम से उद्यमिता अपनाने और कौशल विकास प्रशिक्षण लेने की सलाह दी। अपने वक्तव्य के बाद सीडीओ कुछ महिलाओं को फल दान भी किए मौके पर मौजूद विकास खण्ड खुनियांव के सी डी पी ओ अरशद खान वा विकास योजनाओं से संबंधित समस्त अधिकारी उपस्थित रहे वर्तमान ग्राम प्रधान शमशुद्दीन इद्रीशी ने बताया की हम समस्त ग्रामवासियों की समस्याएं सुन संबंधित अधिकारियों से समस्या के समाधान के लिए अनुरोध करते हैं और आगे करते रहेंगे





































