महराजगंज में सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई: उनके जीवन, संघर्षों और कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई – Mohanpur(Nichlaul) News

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नगर पंचायत चौक स्थित दिग्विजयनाथ इंटरमीडिएट कॉलेज में भारत की प्रथम महिला शिक्षिका एवं महान समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उनके जीवन, संघर्ष और समाज सुधार के कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. हरिन्द्र यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सावित्रीबाई फुले का जीवन आज भी समाज को नई दिशा देता है। उन्होंने अपने पति महात्मा ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर बालिकाओं, दलितों और वंचित वर्गों की शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया। वर्ष 1848 में पुणे के भिडेवाड़ा में भारत का पहला बालिका विद्यालय खोलकर उन्होंने सामाजिक क्रांति की नींव रखी। उस समय शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं के प्रवेश का कड़ा विरोध हुआ, लेकिन सावित्रीबाई फुले ने सभी बाधाओं का साहस के साथ सामना किया। डॉ. यादव ने बताया कि सावित्रीबाई फुले का जन्म महाराष्ट्र के सतारा जिले के नायगांव में हुआ था। अल्पायु में विवाह के बावजूद उन्होंने शिक्षा ग्रहण की और शिक्षिका बनीं। उन्होंने जाति-भेदभाव, अस्पृश्यता, सती प्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर 1873 में स्थापित सत्यशोधक समाज में उनकी सक्रिय भूमिका रही। उन्होंने महिला सेवा मंडल की स्थापना के साथ-साथ विधवाओं और अनाथों के लिए आश्रय गृह भी खोले। प्लेग पीड़ितों की सेवा करते हुए उन्होंने अपने प्राण न्योछावर कर दिए। कार्यक्रम में शिक्षक लेफ्टिनेंट शेषनाथ एवं विनोद कुमार विमल ने भी सावित्रीबाई फुले के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विद्यालय परिवार के सभी शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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