बस्ती के सुरतीहट्टा स्थित स्वामी दयानंद पूर्व माध्यमिक विद्यालय में आर्य समाज एवं आर्य वीर दल द्वारा आयोजित चरित्र निर्माण शिविर का समापन हो गया। समापन समारोह में आर्य वीरांगनाओं ने आत्मरक्षा के प्रभावशाली प्रदर्शन किए। प्रशिक्षिकाओं राधा आर्य और शालू आर्य के मार्गदर्शन में वीरांगनाओं ने लाठी, जूडो-कराटे, त्रिदेश मुष्टि प्रहार, अर्द्धमुष्टि प्रहार और हस्ततल प्रहार जैसे विभिन्न आत्मरक्षा कौशल का प्रदर्शन किया। बालिकाओं ने योगासनों और व्यायामों के माध्यम से स्तूप, मानव पुल और हिमालय सहित कई रचनात्मक दृश्य भी प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में दृष्टि मोदनवाल ने प्रथम, अर्पिता ने द्वितीय और भव्या यादव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि आराध्या गुप्ता को विशिष्ट स्थान से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्सना ने इस अवसर पर कहा कि शिविर से प्राप्त शारीरिक, मानसिक और आत्मिक ऊर्जा बालिकाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित करेगी। उन्होंने आर्य वीरांगना दल की सराहना करते हुए कहा कि यह दल सशक्त, संस्कारित और राष्ट्रनिष्ठ पीढ़ी तैयार कर रहा है। विशिष्ट अतिथि शिवर्ष किसान पीजी कॉलेज की प्राचार्या डॉ. रीना पाठक ने विचारों की सुरक्षा को क्रांति का आवश्यक पक्ष बताते हुए संस्कारित युवा शक्ति की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए आदित्य नारायण गिरि ने घर-घर आर्य वीरों की आवश्यकता बताई, वहीं ओम प्रकाश आर्य ने राष्ट्रनिष्ठा की परंपरा पर प्रकाश डाला। इससे पूर्व, अतिथियों ने परेड का निरीक्षण किया और मार्च पास्ट के दौरान वीरांगनाओं की सलामी ली। अतिथियों का तिलक और ओम पट्टिका से सम्मान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ईश वंदना और दीप प्रज्वलन से हुआ। संगीतमय सर्वांग सुंदर व्यायाम, सूर्य नमस्कार और भूमि नमस्कार ने उपस्थित अभिभावकों और युवाओं में नई चेतना का संचार किया। योग प्रशिक्षिका संगीता यादव ने ब्लॉक स्तर पर गैर-आवासीय शिविरों की अपेक्षा रखी। शिविराध्यक्ष ओम प्रकाश आर्य और संरक्षिका डॉ. कमलेश पाण्डेय ने जिलेभर में ऐसे शिविरों के विस्तार का संकल्प दोहराया। अंत में सभी अतिथियों को वैदिक साहित्य भेंट किया गया।
Home उत्तर प्रदेश आर्य वीरांगनाओं ने आत्मरक्षा का प्रदर्शन किया:सुरतीहट्टा में चरित्र निर्माण शिविर का...






































