सिद्धार्थनगर के खेसरहा थाना साइबर सेल ने धोखाधड़ी का शिकार हुई एक महिला को न्याय दिलाया है। साइबर ठगों द्वारा निकाले गए 7,000 रुपये की धनराशि को पुलिस की तत्पर कार्रवाई से शिकायतकर्ता के खाते में वापस करा दिया गया। पीड़िता ने इस पहल के लिए साइबर पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी बांसी सुश्री रोहिणी यादव के कुशल नेतृत्व में साइबर सेल थाना खेसरहा की टीम ने यह सफलता हासिल की। बेलौहा बाजार निवासी श्रीमती सुमन देवी के खाते से धोखाधड़ी हुई थी। श्रीमती सुमन देवी के बैंक खाते से 7 अक्टूबर 2025 को अज्ञात व्यक्ति ने AEPS (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम) के जरिए उनकी जानकारी के बिना 7,000 रुपये निकाल लिए थे। धोखाधड़ी का पता चलते ही पीड़िता ने तुरंत एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर खेसरहा साइबर सेल ने त्वरित संज्ञान लिया। संबंधित खातों की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की गई और 3 जनवरी 2026 को पूरी 7,000 रुपये की धनराशि पीड़िता के खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दी गई। धनराशि वापस मिलने पर श्रीमती सुमन देवी ने खेसरहा साइबर सेल की टीम की सराहना की। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थानाध्यक्ष खेसरहा अनूप कुमार मिश्र, उपनिरीक्षक राघवेन्द्र प्रताप यादव, उपनिरीक्षक रवि प्रताप सिंह सेंगर, कांस्टेबल आप ग्रेड-बी अभितोष अवस्थी, कांस्टेबल अभिषेक कुमार मौर्य और महिला कांस्टेबल रम्भा यादव शामिल थे। पुलिस ने आम जनता से साइबर अपराधों से बचाव के लिए सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपनी निजी जानकारी किसी सार्वजनिक मंच पर साझा न करें, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें। किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें। समय पर शिकायत दर्ज कराने से धोखाधड़ी की गई राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। पुलिस ने जागरूकता को ही साइबर ठगों से बचाव का सबसे बड़ा उपाय बताया है।
साइबर सेल ने धोखाधड़ी के रुपए वापस कराए:खेसरहा में तत्पर कार्रवाई से शिकायतकर्ता को मिला न्याय
सिद्धार्थनगर के खेसरहा थाना साइबर सेल ने धोखाधड़ी का शिकार हुई एक महिला को न्याय दिलाया है। साइबर ठगों द्वारा निकाले गए 7,000 रुपये की धनराशि को पुलिस की तत्पर कार्रवाई से शिकायतकर्ता के खाते में वापस करा दिया गया। पीड़िता ने इस पहल के लिए साइबर पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी बांसी सुश्री रोहिणी यादव के कुशल नेतृत्व में साइबर सेल थाना खेसरहा की टीम ने यह सफलता हासिल की। बेलौहा बाजार निवासी श्रीमती सुमन देवी के खाते से धोखाधड़ी हुई थी। श्रीमती सुमन देवी के बैंक खाते से 7 अक्टूबर 2025 को अज्ञात व्यक्ति ने AEPS (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम) के जरिए उनकी जानकारी के बिना 7,000 रुपये निकाल लिए थे। धोखाधड़ी का पता चलते ही पीड़िता ने तुरंत एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर खेसरहा साइबर सेल ने त्वरित संज्ञान लिया। संबंधित खातों की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की गई और 3 जनवरी 2026 को पूरी 7,000 रुपये की धनराशि पीड़िता के खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दी गई। धनराशि वापस मिलने पर श्रीमती सुमन देवी ने खेसरहा साइबर सेल की टीम की सराहना की। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थानाध्यक्ष खेसरहा अनूप कुमार मिश्र, उपनिरीक्षक राघवेन्द्र प्रताप यादव, उपनिरीक्षक रवि प्रताप सिंह सेंगर, कांस्टेबल आप ग्रेड-बी अभितोष अवस्थी, कांस्टेबल अभिषेक कुमार मौर्य और महिला कांस्टेबल रम्भा यादव शामिल थे। पुलिस ने आम जनता से साइबर अपराधों से बचाव के लिए सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपनी निजी जानकारी किसी सार्वजनिक मंच पर साझा न करें, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें। किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें। समय पर शिकायत दर्ज कराने से धोखाधड़ी की गई राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। पुलिस ने जागरूकता को ही साइबर ठगों से बचाव का सबसे बड़ा उपाय बताया है।









































