गिलौला क्षेत्र के लक्खीभारी कोटिया धाम गांव में नए वर्ष के अवसर पर शनिवार को पारंपरिक मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण पहुंचे। मेले में पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान, दंगल, झूले, दुकानें और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने इन आयोजनों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूर्व प्रधान रामप्रकाश मणि ने इस मेले को स्थानीय परंपराओं का प्रतीक बताया। प्रधान हजरत अली ने भी हर वर्ष इस आयोजन में शामिल होने की बात कहते हुए अपनी गहरी आस्था व्यक्त की। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे आयोजन सामाजिक और सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देते हैं। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि मेले को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस का पूरा सहयोग मिला। ऋषि मुनि आश्रम पर लगे मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। हालांकि, गिलौला पुलिस ने मौजा प्यारेपुर मेले में कुश्ती आदि पर रोक लगाई थी। मेले में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी वर्गों के लोगों में उत्साह देखा गया। देर रात तक चले इस आयोजन के अवसर पर भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।





































