नासिरगंज में शनिवार को 13 रजबुल मुरज्जब के अवसर पर पहले इमाम हज़रत अली (अ.स.) की पैदाइश अकीदत और खुशी के साथ मनाई गई। इस मौके पर शिया समुदाय के घरों में विशेष पकवान बनाए गए और नज़र-नियाज़ दिलाई गई। मौला अली की विलादत की खुशी में समुदाय के छोटे-बड़े सभी सदस्यों ने नए कपड़े पहने और ईद की तरह जश्न मनाया। बच्चों में विशेष उत्साह देखा गया, जबकि बड़ों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद देकर खुशी का इजहार किया। लोगों ने बताया कि 13 रजब का दिन इस्लामी इतिहास में महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी दिन मौला अली (अ.स.) का जन्म हुआ था। मौला अली का जीवन न्याय, बहादुरी और इंसानियत का संदेश देता है, जिस पर चलने की सीख इस अवसर पर दी गई। दिन भर अकीदत और खुशी का माहौल बना रहा। इस दौरान समाज में अमन-चैन और भाईचारे के लिए दुआएं की गईं।





































