भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल: लाखों के वाच टावर बेकार, एक सड़क निर्माण में हटा – Nautanwa(Nautanwa) News

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भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा के लिए बनाए गए लाखों रुपये के वाच टावर अब अनुपयोगी हो गए हैं। सोनौली और संपतिहा चौकियों के पास 2009 में निर्मित ये टावर सीमा निगरानी के उद्देश्य से स्थापित किए गए थे, लेकिन अब इनकी स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। इन टावरों का मुख्य उद्देश्य सीमा पार से होने वाली आवाजाही पर नज़र रखना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोकना था। सोनौली सीमा को पहले से ही अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, और अतीत में इसी मार्ग से आतंकी घुसपैठ की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। आश्चर्यजनक बात यह है कि निर्माण के बाद से ही इन वाच टावरों पर न तो कभी पुलिसकर्मियों की नियमित ड्यूटी लगाई गई और न ही इनके संचालन के लिए कोई ठोस योजना बनी। परिणामस्वरूप, सोनौली का वाच टावर वर्षों तक उपेक्षित रहा और झाड़-झंखाड़ से घिरकर केवल एक शोपीस बनकर रह गया। इसके आसपास कचरे का अंबार लगने से टावर तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। वहीं, संपतिहा में स्थापित वाच टावर को एनएचआई द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण के दौरान पूरी तरह हटा दिया गया है। इसके विकल्प या पुनः स्थापना को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट योजना सामने नहीं आई है। पुलिस क्षेत्राधिकारी अंकुर गौतम ने बताया कि उन्हें सोनौली और संपतिहा में स्थापित वाच टावरों के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं है। यह बयान सीमा सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय की कमी को दर्शाता है। सीमा निगरानी के लिए बनाए गए इन वाच टावरों का इस तरह अनुपयोगी होना न केवल सरकारी धन की बर्बादी है, बल्कि भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। तस्वीरें देखिए…
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