चौक थाना क्षेत्र के परसौनी निवासी ब्रह्मानंद गुप्ता ने अपने ट्रैक्टर को किराए पर लेकर न लौटाने और भुगतान न करने के आरोप में अदालत का दरवाजा खटखटाया है। पीड़ित की शिकायत पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/एफटीसी न्यायालय में धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत एक प्रकीर्ण प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया है। प्रार्थना पत्र में ब्रह्मानंद ने बताया कि उनका ट्रैक्टर (संख्या यूपी 56 ए डब्ल्यू 2684) कृषि कार्यों के लिए इस्तेमाल होता था। अपनी खराब तबीयत के कारण जब ट्रैक्टर घर पर खड़ा था, तब उनके परिचित उमेश गुप्ता, निवासी लखुआ लखुई, थाना खडडा (कुशीनगर) ने इसे किराए पर लेने का प्रस्ताव दिया। उमेश ने प्रति माह 10-15 हजार रुपये देने का वादा किया था, जिस पर भरोसा करते हुए ब्रह्मानंद ने ट्रैक्टर उसे सौंप दिया। आरोप है कि ट्रैक्टर ले जाने के बाद उमेश ने कई महीनों तक एक भी रुपया नहीं दिया। बार-बार फोन करने पर वह भुगतान बाद में करने की बात कहता रहा, लेकिन पैसे नहीं दिए। 11 सितंबर 2025 को जब ब्रह्मानंद उमेश के घर पहुंचे और ट्रैक्टर वापस मांगा, तो उन्हें बताया गया कि ट्रैक्टर किराए पर बाहर गया है और दो दिनों में लौट आएगा। हालांकि, इसके बाद न तो ट्रैक्टर वापस मिला और न ही कोई किराया। पीड़ित का कहना है कि जब वह दोबारा उमेश के घर गए, तो उसने ट्रैक्टर दिखाने से इनकार कर दिया और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें दरवाजे से भगा दिया। इस घटना के बाद ब्रह्मानंद ने स्थानीय थाना खडडा और फिर थाना चौक में भी प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने पुलिस कप्तान को भी सूचना दी, पर कोई नतीजा नहीं निकला। ब्रह्मानंद का आरोप है कि आरोपी उमेश और उसके साथियों का स्वभाव आक्रामक है, जिससे उन्हें अपनी जान और माल का खतरा बना हुआ है। पीड़ित ने अदालत से अनुरोध किया है कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ट्रैक्टर बरामद करने और जांच कराने का आदेश थाना चौक को दिया जाए।
चौक में ट्रैक्टर हड़पने का आरोप: पीड़ित ने शिकायत कर मामला दर्ज कराया – Mohanpur(Nichlaul) News
चौक थाना क्षेत्र के परसौनी निवासी ब्रह्मानंद गुप्ता ने अपने ट्रैक्टर को किराए पर लेकर न लौटाने और भुगतान न करने के आरोप में अदालत का दरवाजा खटखटाया है। पीड़ित की शिकायत पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/एफटीसी न्यायालय में धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत एक प्रकीर्ण प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया है। प्रार्थना पत्र में ब्रह्मानंद ने बताया कि उनका ट्रैक्टर (संख्या यूपी 56 ए डब्ल्यू 2684) कृषि कार्यों के लिए इस्तेमाल होता था। अपनी खराब तबीयत के कारण जब ट्रैक्टर घर पर खड़ा था, तब उनके परिचित उमेश गुप्ता, निवासी लखुआ लखुई, थाना खडडा (कुशीनगर) ने इसे किराए पर लेने का प्रस्ताव दिया। उमेश ने प्रति माह 10-15 हजार रुपये देने का वादा किया था, जिस पर भरोसा करते हुए ब्रह्मानंद ने ट्रैक्टर उसे सौंप दिया। आरोप है कि ट्रैक्टर ले जाने के बाद उमेश ने कई महीनों तक एक भी रुपया नहीं दिया। बार-बार फोन करने पर वह भुगतान बाद में करने की बात कहता रहा, लेकिन पैसे नहीं दिए। 11 सितंबर 2025 को जब ब्रह्मानंद उमेश के घर पहुंचे और ट्रैक्टर वापस मांगा, तो उन्हें बताया गया कि ट्रैक्टर किराए पर बाहर गया है और दो दिनों में लौट आएगा। हालांकि, इसके बाद न तो ट्रैक्टर वापस मिला और न ही कोई किराया। पीड़ित का कहना है कि जब वह दोबारा उमेश के घर गए, तो उसने ट्रैक्टर दिखाने से इनकार कर दिया और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें दरवाजे से भगा दिया। इस घटना के बाद ब्रह्मानंद ने स्थानीय थाना खडडा और फिर थाना चौक में भी प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने पुलिस कप्तान को भी सूचना दी, पर कोई नतीजा नहीं निकला। ब्रह्मानंद का आरोप है कि आरोपी उमेश और उसके साथियों का स्वभाव आक्रामक है, जिससे उन्हें अपनी जान और माल का खतरा बना हुआ है। पीड़ित ने अदालत से अनुरोध किया है कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ट्रैक्टर बरामद करने और जांच कराने का आदेश थाना चौक को दिया जाए।









































