सिद्धार्थनगर के सेमरहना गांव में उत्तर प्रदेश सरकार की वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना के तहत एक विशेष कैंप का आयोजन किया गया। खेसरहा क्षेत्र के मरवटिया महुलानी पावर हाउस द्वारा आयोजित इस कैंप में 30 उपभोक्ताओं ने ₹60,000 की बकाया धनराशि जमा की, जबकि 15 उपभोक्ताओं ने ओटीएस योजना का लाभ उठाते हुए अपना बकाया निस्तारण कराया। कैंप की निगरानी अवर अभियंता राजकुमार ने की। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक उपभोक्ता इस योजना का लाभ उठाएं और अपने बिजली बिलों का बकाया आसानी से चुका सकें। इस दौरान विभागीय कर्मचारी अरुण श्रीवास्तव, राम नयन तिवारी, वेद प्रकाश तिवारी, पवन शुक्ला, राम सुमेर, संदीप और फिरोज अहमद सक्रिय रूप से मौजूद रहे। कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुना और मौके पर ही उनका समाधान किया। स्थानीय उपभोक्ताओं ने ओटीएस योजना को राहत भरी बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना से उन्हें कम धनराशि में अपने पुराने बकाए का निपटारा करने में मदद मिली है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि भविष्य में भी विभिन्न ग्राम पंचायतों में ऐसे कैंप आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस योजना से जोड़ा जा सके।
सेमरहना ओटीएस कैंप, 30 उपभोक्ताओं ने जमा किए ₹60 हजार:15 लोगों ने कराया बकाया निस्तारण, योजना का लाभ
सिद्धार्थनगर के सेमरहना गांव में उत्तर प्रदेश सरकार की वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना के तहत एक विशेष कैंप का आयोजन किया गया। खेसरहा क्षेत्र के मरवटिया महुलानी पावर हाउस द्वारा आयोजित इस कैंप में 30 उपभोक्ताओं ने ₹60,000 की बकाया धनराशि जमा की, जबकि 15 उपभोक्ताओं ने ओटीएस योजना का लाभ उठाते हुए अपना बकाया निस्तारण कराया। कैंप की निगरानी अवर अभियंता राजकुमार ने की। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक उपभोक्ता इस योजना का लाभ उठाएं और अपने बिजली बिलों का बकाया आसानी से चुका सकें। इस दौरान विभागीय कर्मचारी अरुण श्रीवास्तव, राम नयन तिवारी, वेद प्रकाश तिवारी, पवन शुक्ला, राम सुमेर, संदीप और फिरोज अहमद सक्रिय रूप से मौजूद रहे। कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुना और मौके पर ही उनका समाधान किया। स्थानीय उपभोक्ताओं ने ओटीएस योजना को राहत भरी बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना से उन्हें कम धनराशि में अपने पुराने बकाए का निपटारा करने में मदद मिली है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि भविष्य में भी विभिन्न ग्राम पंचायतों में ऐसे कैंप आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस योजना से जोड़ा जा सके।









































